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महिलाओं की सहभागिता बढ़ने से देश को मिलेगा मजबूत लोकतंत्र

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अमीरनगर। महिलाओं की सहभागिता बढ़ने से देख को मजबूत लोकतंत्र मिलेगा। महिलाओं को अपने मतदान का महत्व समझना होगा। यह बात अमर उजाला की अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत बुधवार को कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में ‘लोकतंत्र में महिलाओं का योगदान, जागरूक मतदाता, मजबूत लोकतंत्र’ विषय पर हुई संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम अखिलेश यादव ने कही। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी महिलाओं की है। जिनकी सहभागिता बढ़ने से देश मजबूत होगा। लोकतंत्र में वोट नागरिक का वह अधिकार है, जिससे वह अपने प्रतिनिधि को चुनकर देश में अपने लिए अपनी सरकार चुनता है। देश के लोकतंत्र में शीर्ष से लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रत्येक के मत का समान महत्व है। जिसमें कोई छोटा बड़ा, शिक्षित, अशिक्षित, अमीर, गरीब, जाति बिरादरी का कोई भेद नहीं होता। महिलाओं का योगदान राजनीति, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक व्यवस्थाओं में दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। सरकार द्वारा महिलाओं को राशन कार्ड से लेकर सरकारी सुविधाओं तक वरीयता क्रम में प्राथमिकता दी गई है। महिलाएं मतदान के प्रति जागरूक हों और परिवार के अन्य सदस्यों, आसपास के लोगों को प्रेरित करें। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने महिलाओं को नारी गरिमा का साझा संकल्प दिलाया।
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विद्यालय में मसील खां की अध्यक्षता में हुई संगोष्ठी की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा स्वागत, देश गीत के साथ हुआ। संचालन बीएलओ तौहीद बेग ने किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि आलोक शुक्ल, मोहम्मद यूसुफ, सादाब, फरमान बेग, छोटेलाल, मोहम्मद कय्यूम, मनीश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
गांव में योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
मीरा देवी ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए तमाम योजनाएं भले ही चला रही हो लेकिन गांवों में अभी भी इन योजनाओं का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। वह हर बार अपना वोट डालती हैं, लेकिन वोट लेने के बाद नेता भूल जाते हैं।
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वोट हमारा अधिकार है
मेराज बानो ने कहा कि वोट हमारा अधिकार है। किसे वोट देना है किसे नहीं देना है इसका वह अपनी समझ से तय करती हैं। सही जानकारी न होने से गांव में रहने वाली महिलाएं सरकारी लाभ लेने से चूक जाती हैं।
महिलाओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी
गांव निवासी साबरून का कहना है कि घर, गृहस्थी की जिम्मेदारी के साथ महिलाओं को अपनी ताकत पहचाननी होगी। लोगों के आगे हाथ फैलाने की बजाय अपने पैरों पर खड़े होने की जरूरत है।
हुनरमंद बने गांव की महिलाएं
गांव निवासी शांती देवी का कहना है कि हमारे वोट से सरकार बनती है। गांव की महिलाओं को हुनरमंद होने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि हुनरमंद महिलाओं को रोजगार के लिए सहूलियत दे।
सुरक्षा और सुख सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी
शायरा बानो ने कहा कि आए दिन हो रही घटनाओं से महिलाओं की हिम्मत टूटने लगी है। गांव हो या शहर महिलाओं को सुरक्षा और सुख सुविधा दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
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