दक्षिण खीरी वनप्रभाग के मैलानी रेंज की महुरेना बीट स्थित नगरिया झील को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। वन विभाग ने जेसीबी से खुदाई कर झील की गहराई बढ़ाने और सफाई कराने काम शुरू किया है।
वेटलैंड डेवलपमेंट के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जैव विविधता को समृद्ध करने के उद्देश्य से जिले की नगरिया और सेमरई झील कर चयन किया गया है। पहले चरण में नगरिया झील की साफ-सफाई और उसे गहरा करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसी सप्ताह से वन विभाग ने जेसीबी मशीनों से झील के उथले स्थलों की खोदाई कराई। यह काम अभी कई दिनों तक जारी रहेगा। गहराई बढ़ाने के साथ ही झील की सफाई का काम भी किया जा रहा है।
करीब 77.50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस झील के चारों तरफ पेड़ों के नीचे पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच भी बनाई जाएंगी। साथ ही वॉच टॉवर के ऊपर धूप से बचाव के लिए शेड भी बनाए जाएंगे। वन विभाग यह पूरी कवायद इको टूरिज्म डेवलपमेंट के तहत कर रहा है।
देश के चयनित 94 वेटलैंड में नगरिया भी शामिल
भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय नम भूमि संरक्षण कार्यक्रम के तहत 94 वेटलैंड चयनित किए है। इसमें नगरिया झील भी शामिल है।
पूरे साल पक्षियों से गुलजार रहती है झील
यहां अक्तूबर से ही बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। दिसंबर और जनवरी में इस नम भूमि का सौंदर्य अपने चरम पर होता है। इसके अलावा पूरे साल स्थानीय पक्षी देखने को मिलते हैं।
डीफओ, साउथ खीरी नीरज कुमार ने बताया कि वेटलैंड डेवलपमेंट के तहत नगरिया झील पर काम शुरू कराया गया है। इससे जलीय जीव और वनस्पतियों का संरक्षण हो सकेगा।