दुधवा के जंगल में विचरण करता नेपाली हाथियों का झुंड। स्रोत : वन विभाग
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बांकेगंज। नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से करीब 30-35 हाथियों का एक और झुंड दुधवा जंगल में पहुंच गया। इसमें वयस्कों के साथ उनके बच्चे भी शामिल हैं। हाल ही में धनगढ़ी-गौरीफंटा मार्ग पर इनकी मौजूदगी से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा था।
किशनपुर अभयारण्य के मड़हा सेक्शन में पिछले 20-25 दिनों से चार टस्कर हाथियों ने डेरा डाल रखा है। यह टस्कर बफरजाेन मैलानी से मोहम्मदी जंगल तक धावा बोलकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। करीब एक हफ्ता पहले नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क से करीब 30 से 35 हाथियों के दूसरे दल ने शारदा नदी पार कर पीटीआर की हरीपुर रेंज होते हुए दुधवा के जंगल में दस्तक दी है। अब यहां नेपाली हाथियों की संख्या बढ़कर करीब 40 हो गई है।
इन हाथियों के झुंड ने हाल ही धनगढ़ी-गौरीफंटा मार्ग पर पहुंचकर अपनी मौजूदगी की दस्तक दी। दुधवा पार्क के उपनिदेशक जगदीश आर बताते हैं कि तीन दिन पहले हाथियों का दल शाम के समय दुधवा जंगल से गुजरे रेल मार्ग की बीच पहुंच गया।
कुछ देर बाद इसी रेल ट्रैक पर मैलानी की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन गुजरने वाली थी।
निगरानी टीमों ने दौड़ लगाकर कपड़ा लहराते हुए लोको पायलट से ट्रेन रोकने का संकेत दिया। उनके संकेत पर ट्रेन को रोक दिया। इसके बाद निगरानी टीमों के खदेड़ने पर हाथी जंगल की ओर चले गए। इसके बाद ट्रेन यहां से रवाना हुई। इससे पहले एक टस्कर समेत करीब चार हाथी नेपाल से आकर किशनपुर अभयारण्य के मड़हा जंगल में करीब 20 दिनों से डेरा डाले हैं।