बीएफआर कोच पहुंचते ही तैयार हो जाएगी एआरटी
मैलानी। रेलवे की ओर से दुर्घटना सहायता गाड़ी (एआरटी) तैयार किए जाने को लेकर मैलानी में एक कोच और पहुंच गया है, जबकि अब सिर्फ बीएफआर कोच आना बाकी है। इसके बाद दुर्घटना सहायता गाड़ी पूरी तरह तैयार हो जाएगी।
दुर्घटना के समय मौके पर दुर्घटना सहायता गाड़ी (एआरटी) भेजी जाती है, जिसमें कुल पांच कोच होते हैं। दो टूलयान, एक कर्मचारी यान, एक बीएफआर (बोगी फ्लैट रेल) यानी फ्लैट कोच, एक कर्मचारी कोच और एक इंजीनियरिंग कोच होता है। रेलवे की ओर से एआरटी के लिए दो टूलयान और एक कर्मचारी यान यहां पहले ही भेजे जा चुके हैं। शेष दो कोच, एक बीएफआर और एक इंजीनियरिंग कोच आना शेष थे, जिसमें से एक इंजीनियरिंग कोच पहुंच चुका है। अब बीएफआर (बोगी फ्लैट रेल) ही आना बाकी है। इस कोच के आने के बाद दुर्घटना सहायता गाड़ी पूरी तरह से तैयार हो जाएगी।
क्या है बीएफआर कोच
मैलानी। बोगी फ्लैट रेल को रेलवे की भाषा में बीएफआर कोच कहते हैं। या सरल भाषा में इसे फ्लैट वैगन कहा जा सकता है। यह मालगाड़ी का खुला कोच होता है, जिसमें रेल लाइन रखी जा सकती है, ताकि किसी दुर्घटना के समय जरूरत पड़ने पर दुर्घटनास्थल पर तत्काल अस्थायी रेलवे ट्रैक बनाया जा सके। संवाद
एआरएमई ट्रेन हो चुकी है तैयार
मैलानी। दुर्घटना सहायता चिकित्सा उपकरण (एआरएमई) ट्रेन में तीन कोच होते हैं। एक टूलयान, एक मेडिकल यान और एक कर्मचारी यान। इस तरह दुर्घटना सहायता चिकित्सा उपकरण एआरएमई गाड़ी तैयार होती है। रेलवे ने एआरएमई के इन तीनों कोच को भी यहां पहले ही भेज दिया है। इस प्रकार एआरएमई पूरी तरह तैयार हो चुकी है। संवाद
मैलानी में खड़ा इंजीनियरिंग कोच।