एक तरफ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए तय तिथियों पर अनन्तिम सूची प्रकाशन, मतदाता सूची का पुनरीक्षण, मानकों के अनुरूप ग्राम पंचायतों में आरक्षण लागू करवाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाने हैं, वहीं जिला पंचायतीराज अधिकारी (डीपीआरओ) ऐन मौके पर बीमार हो गए हैं। उन्होंने 15 दिन की मेडिकल लीव ले ली है। डीपीआरओ के मेडिकल लीव पर चले जाने के बाद अभी तक किसी को डीपीआरओ उनका प्रभार नहीं सौंपा गया है। वहीं डीएम ने कहा कि डीपीआरओ के मेडिकल लीव पर चले जाने से पंचायत चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। उनके निर्देशन में चुनाव की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक 14 अगस्त को मतदाता सूची का अनन्तिम सूची का प्रकाशन होगा। उसके बाद दावे-आपत्तियां लेकर उनका निस्तारण और फिर अंतिम सूची का प्रकाशन कर ग्राम पंचायतों में आरक्षण लागू किया जाना है। आरक्षण लागू करवाने का दायित्व डीपीआरओ का है। ऐसे में डीपीआरओ योगेंद्र कटियार अचानक बीमार हो गए हैं। मेडिकल परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें 15 दिन के बेड रेस्ट की सलाह दी है। इसके बाद डीपीआरओ ने मेडिकल लीव ले ली है। ऐन मौके पर डीपीआरओ के मेडिकल लीव पर जाने की खबर प्रशासनिक हल्के में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अब तक डीपीआरओ के स्थान पर किसी को प्रभार नहीं सौंपा गया है। इस बाबत डीएम किंजल सिंह ने कहा कि डीपीआरओ के मेडिकल लीव पर जाने से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनके निर्देशन में पंचायत चुनाव संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं।
डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न होगी आरक्षण प्रक्रिया
शासन ने निर्देश दिया है कि ग्राम पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी सम्पन्न कराएगी। इस कमेटी में डीएम किंजल सिंह के अलावा सीडीओ नितीश कुमार, अपर मुख्य अधिकारी उमेश कुमार और डीपीआरओ शामिल रहेंगे।
तीन जगहों पर कर सकते हैं दावे/आपत्तियां
अनन्तिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद 14 से 20 अगस्त तक मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाएगा। इस बीच एसडीएम दफ्तर, विकास खंड और पंचायत स्तर पर दावे/आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि पंचायत स्तर पर निर्धारित बूथ पर बीएलओ की तैनाती कर दी गई है। इसके बाद 21 से 25 अगस्त तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। जबकि 26 अगस्त से तीन सितंबर तक पांडुलिपियां तैयार की जाएंगी।