लखीमपुर खीरी। अपनी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी और जिलाबदर किए जाने से नाराज भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
मंगलवार को गिरफ्तारी के खिलाफ राज्यव्यापी आयोजित प्रतिरोध दिवस मनाने के लिए सभी माले कार्यकर्ता व पदाधिकारी शहीद नसीरुद्दीन मैदान में इकट्ठा हुए। धरने को संबोधित करते हुए कृष्णा अधिकारी ने कहा कि दलित पृष्ठभूमि से आने वाले जिला पंचायत सदस्य व भाकपा (माले) स्थाई राज्य समिति सदस्य अर्जुन लाल को सीतापुर से जिलाबदर किया गया है।
पार्टी के ही रामदरश को योगी सरकार ने वन भूमि के नाम पर 56 गांवों को उजाड़ने व डूब क्षेत्र के नाम पर 45 गांवों को बर्बाद करने के आदेश के खिलाफ आयोजित किसान सम्मेलन को असफल करने के लिए गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि शारदानगर में आयोजित हुए किसान सम्मेलन में उमड़े जनसैलाब ने यह साबित कर दिया कि किसी के दमन से डरने वाले नहीं है। वह अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें दशकों पुराने फर्जी मुकदमे में गढ़ी गई कहानी के तहत फरार दिखाकर गिरफ्तार किया गया है।
बताया कि उन्हें लखीमपुर की जेल में बंद किया गया है, जहां दिल का कोई डाक्टर नहीं है। यह है योगी सरकार का क्रूर चेहरा है। उन्होंने मांग की कि उन्हें चिकित्सकीय आधार पर जेल से तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। इसके बाद शहीद नसीरुद्दीन मैदान (विलोबी) से डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला गया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
कार्यक्रम में माले जिला कमेटी सदस्य व अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला उपाध्यक्ष कमलेश राय, जिला सचिव रंजीत सिंह, जवाहर, रामजीवन, कमलेश मौर्या, अनीता निषाद, रामप्रसाद आदि शामिल रहे।