लखीमपुर खीरी के मझगईं थाना क्षेत्र के कोठिया गांव निवासी रमेश की हत्या उसकी पत्नी संध्या राठौर के मामा, चाचा और मौसेरे भाई ने मिलकर की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
एक मार्च की रात करीब आठ बजे रमेश का शव नौगवां-विष्णुपुर मार्ग स्थित एक मैरिज हॉल के पास लहूलुहान हालत में मिला था। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की भाभी रामरती ने रमेश की पत्नी के चाचा राजकिशोर निवासी कोठिया, मामा प्रेमसागर निवासी लोकनपुरवा और मौसी के बेटे सोनू निवासी छोटी पलिया के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी थी। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
रमेश ने किया था अंतरजातीय विवाह
जांच के दौरान शक की सुई इन्हीं तीनों पर आकर रुकी। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि रमेश और उसकी पत्नी अलग-अलग बिरादरी के थे। रमेश उसे डेढ़ साल पहले भगा कर ले गया था और बाद में दोनों ने मंदिर में शादी कर ली थी। इसी बात को लेकर वे लोग नाराज थे और मौका पाकर तीनों ने मिलकर रमेश की हत्या कर दी।
थाना प्रभारी राजू राव ने बताया कि लड़की राठौर बिरादरी की है, जबकि रमेश चौहान बिरादरी का था। प्रेम विवाह को लेकर ही आरोपी रंजिश मानते थे। लड़की बालिग थी। गांव में दोनों के मकान आस-पास ही हैं।