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Lakhimpur Kheri: खाद वितरण में देरी से नाराज किसानों ने किया हंगामा, हाईवे पर 55 मिनट तक लगा रहा जाम

Wed, 20 Aug 2025 01:45 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी के ओयल स्थित पूर्वा सावल सिंह सहकारी समिति पर मंगलवार सुबह से लाइन में लगे किसानों को जब खाद नहीं मिली तो वह भड़क गए। किसानों ने लखीमपुर-सीतापुर हाईवे पर जाम लगाकर करीब एक घंटे तक हंगामा किया।
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किसानों ने हाईवे पर लगाया जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के ओयल स्थित पुरवा सांवल सिंह किसान साधन सहकारी समिति का ताला मंगलवार को 10 बजे तक नहीं खुला, जबकि 19 अगस्त को खाद वितरण का नोटिस चस्पा था। इस पर किसान भड़क गए। आक्रोशित सैकड़ों किसानों ने लखीमपुर-सीतापुर हाईवे पर खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया। ऐसे में हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतों लग गईं। करीब 55 मिनट तक यातायात बाधित रहा। इस बीच ओयल पुलिस किसानों को समझने पहुंची। समिति सचिव गौतमी ने भी प्रयास किए, लेकिन किसानों ने किसी की नहीं सुनी। 

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आनन-फानन खीरी एसओ निराला तिवारी पुलिस व पीएसी के साथ पहुंचे। एआर कोऑपरेटिव रजनीश प्रताप सिंह भी आ गए। एसओ व एआर कोऑपरेटिव ने किसानों को खाद दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। कहा कि समिति पर 1800 बोरी यूरिया भिजवा देंगे, ताकि सभी किसानों को खाद मिल सके। 
 
इधर, एक किसान ने गोदाम चैनल का ईंट से ताला तोड़ने का प्रयास किया, तभी एसओ ने उसे वहां से हटाया। दोपहर करीब पौने 12 बजे किसानों को टोकन वितरण शुरू कराया गया। इधर, सीओ सिटी विवेक कुमार भी मय फोर्स पहुंचे। सदर कोतवाल हेमंत राय एवं महिला थाना पुलिस भी समिति पर पहुंची। 
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कई दिनों से यूरिया लेने के लिए आ रहा हूं। टोकन मिला, पर खाद नहीं मिली। खेतों में समय से खाद न डाल पाने से फसल को नुकसान हो रहा है। -जसवंत, मिरवापुर 
आठ दिनों से यूरिया के लिए समिति के चक्कर लगा रही हूं। समिति कर्मचारी तो महिलाओं को भी धक्का-मुक्की कर निकाल देते हैं। समस्या कब खत्म होगी। -संगीता, जगतिया 

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निजी दुकानों में स्टॉक नहीं समितियों पर बढ़ा भार  
खरीफ सीजन में रकबे के अनुसार जिले को 1.46 लाख एमटी यूरिया की जरूरत है, जिसके सापेक्ष अब तक 1.35 लाख का वितरण हो चुका है। मौजूदा समय में 4260 एमटी खाद स्टॉक में है। इस बार निजी दुकानों पर खाद का वितरण न होने से समितियों पर भार बढ़ा है। निजी दुकानों के लिए जो खाद आती है, उसमें 40 प्रतिशत समितियों के माध्यम से वितरित हो जाती है। जिले में 1200 से अधिक निजी दुकानें हैं, जिसमें महज 180 दुकानों पर मात्र 600 एमटी खाद है, जो बहुत कम है। इसी वजह से समितियों पर किसानों की भीड़ है। 

जिले में खाद की कमी नहीं 
किसानों की भीड़ अधिक थी। भीड़ के सापेक्ष पुलिस बल पर्याप्त नहीं था। फोर्स और बुलाने के इंतजार में किसान भड़क गए। हालांकि, कुछ ही देर में किसानों को समझाकर टोकन बांटे गए, जिनको बुधवार को खाद दी जाएगी। खाद की रैक लगातार आ रही हैं, जो समितियों पर भेजी जा रही है। जिले में खाद की कमी नहीं है। -रजनीश प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव 

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