निजी दुकानों में स्टॉक नहीं समितियों पर बढ़ा भार
खरीफ सीजन में रकबे के अनुसार जिले को 1.46 लाख एमटी यूरिया की जरूरत है, जिसके सापेक्ष अब तक 1.35 लाख का वितरण हो चुका है। मौजूदा समय में 4260 एमटी खाद स्टॉक में है। इस बार निजी दुकानों पर खाद का वितरण न होने से समितियों पर भार बढ़ा है। निजी दुकानों के लिए जो खाद आती है, उसमें 40 प्रतिशत समितियों के माध्यम से वितरित हो जाती है। जिले में 1200 से अधिक निजी दुकानें हैं, जिसमें महज 180 दुकानों पर मात्र 600 एमटी खाद है, जो बहुत कम है। इसी वजह से समितियों पर किसानों की भीड़ है।
जिले में खाद की कमी नहीं
किसानों की भीड़ अधिक थी। भीड़ के सापेक्ष पुलिस बल पर्याप्त नहीं था। फोर्स और बुलाने के इंतजार में किसान भड़क गए। हालांकि, कुछ ही देर में किसानों को समझाकर टोकन बांटे गए, जिनको बुधवार को खाद दी जाएगी। खाद की रैक लगातार आ रही हैं, जो समितियों पर भेजी जा रही है। जिले में खाद की कमी नहीं है।
-रजनीश प्रताप सिंह, एआर कोऑपरेटिव