लखीमपुर खीरी। शिक्षिका के निलंबन से नाराज बच्चे मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए, जहां उन्होंने दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। बच्चे शिक्षिका को दोबारा स्कूल भेजने की मांग पर अड़े थे। यहां बता दें कि शिक्षिका पर गलत सूचना देकर छुट्टी लेने सहित कई अन्य गंभीर आरोपों के चलते बीएसए ने उन्हें निलंबित कर दिया था। मामला नकहा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खिचिनपुरवा का है।
बीते मंगलवार को बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने प्राथमिक विद्यालय खिचिनपुरवा में जांच आख्या का संज्ञान लेते हुए शिक्षिका कल्पना को निलंबित कर दिया था। इस बात से नाराज स्कूल के बच्चों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे डीएम कार्यालय पहुंचे 50 से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक शिक्षिका की बहाली की मांग करने लगे।
अभिभावकों ने बताया कि शिक्षिका को राजनीति और साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि शिक्षिका कल्पना नियमित समय से स्कूल आती हैं। बच्चों को पढ़ाती भी हैं। जांच टीम ने बिना कोई नोटिस दिए ही उनको निलंबित कर दिया। विरोध प्रदर्शन की जानकारी होने पर पहुंचीं अतिरिक्त एसडीएम रेनू मिश्रा से बच्चों ने कहा कि जब तब उनकी शिक्षिका को स्कूल में पढ़ाने नहीं भेजा जाएगा, तब तक वे भी स्कूल नहीं जाएंगे। करीब दो घंटे तक बच्चे कलक्ट्रेट में बैठे रहे। डीएम की गैरमौजूदगी में एसडीएम ने बच्चों और अभिभावकों की शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।
यह था मामला
बता दें कि 13 सितंबर को जिला समन्वयक एमआईएस ने नकहा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय खिचिनपुरवा का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में पंजीकृत 143 में से 73 बच्चे ही उपस्थित थे। प्रधानाध्यापक कल्पना भी गैरहाजिर थीं। उनके खिलाफ गलत सूचना देकर छुट्टी लेने के साक्ष्य मिले थे। इस पर बीएसए ने शिक्षिका कल्पना को निलंबित कर दिया था। साथ ही दूसरे स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश जारी किए थे।
एसडीएम की क्लास में बच्चे हो गए फेल
अच्छी पढ़ाई का दावा और शिक्षिका कल्पना को दोबारा स्कूल भेजने की मांग कर रहे बच्चों से पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए क्लास लगाई गई। अतिरिक्त एसडीएम रेनू ने बच्चों से गिनती, पहाड़े, कविता सहित तमाम सवाल किए। सवालों का एकाध बच्चे ही जवाब दे सके। एसडीएम ने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्चों को समझाकर भेजा गया है।
जांच आख्या पर शिक्षिका के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी। शिक्षिका के पक्ष में अभिभावक और बच्चे डीएम से मिलने गए थे, इस बात की मुझे कोई जानकारी नहीं है। - प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए