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सीएमओ की टिप्पणी से आहत सीएचसी अधीक्षक ने दिया इस्तीफा

Thu, 03 Dec 2015 09:52 PM IST
जंगबहादुरगंज
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पसगवां के अधीक्षक डॉ आशुतोष सिंह ने अपने पद और सेवा से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे की प्रति सीएमओ खीरी कार्यालय में प्राप्त कराने के अलावा उसकी प्रतियां उच्चाधिकारियों को भेजी हैं। इस्तीफा देने के कारणों के पीछे उन्होंने सीएमओ के आदेशानुसार इस्तीफा देने का हवाला दिया है। इसकी खबर फैलते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सीएचसी के कर्मचारियों ने ओपीडी ठप करते हुए चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार कर दिया तो प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ ने इस्तीफा देने वाले अधीक्षक का बचाव करते हुए सीएमओ पर मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है।
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सीएचसी पसगवां में अधीक्षक के पद पर डॉ आशुतोष कुमार सिंह करीब डेढ़ साल से तैनात हैैं। वह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र हैं, जिससे माता-पिता तथा घर की जिम्मेदारियां उन्हीं को निर्वहन करनी पड़ती है। लिहाजा डॉ आशुतोष सिंह ने पहले भी अधीक्षक पद से मुक्त करने के लिए सीएमओ को प्रार्थना पत्र भेजा था, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने पद पर बने रहने का दबाव बनाए रखा। बताते हैं कि समाजवादी पेंशन योजना में शासन ने डिजीटल हस्ताक्षर मांगे हैैं, जिसके लिए सीएमओ ने फार्मेट पर डिजीटल हस्ताक्षर मांगे थे। बताते हैैं कि बुधवार को सीएमओ से मोबाइल के जरिए डॉ आशुतोष सिंह की बात हुई। डॉ आशुतोष का आरोप है कि घरेलू परिस्थितियां बताने पर सीएमओ ने उनसे कहा कि गैर जनपद स्थानांतरण करा लो या फिर इस्तीफा दे दो। सीएमओ की टिप्पणी से आहत डॉ आशुतोष सिंह ने बुधवार को ही अपना इस्तीफा लिखकर सीएमओ खीरी, विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, अपर निदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, लखनऊ को भेज दिया। इसके बाद वह अपने घर चले गए। सीएचसी अधीक्षक के इस्तीफे की खबर फैलते ही कर्मचारी भी सकते में आ गए, जिसके बाद गुरुवार की दोपहर बाद कर्मचारियों ने ओपीडी का काम ठप कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही सीएमओ डॉ अरुण कुमार और अपर सीएमओ डॉ वीबी राम गुरुवार को पसगवां सीएचसी पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की।
पहले भी सुर्खियों में रहा सीएचसी पसगवां
सीएचसी पसगवां इससे पहले भी लिपिक महेंद्र शर्मा की मौत को लेकर सुर्खियों में रह चुका है, जिसमें तत्कालीन सीएमओ समेत पांच लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है। इस मामले में सीएमओ समेत कई लिपिकों पर मानसिक उत्पीड़न और हत्या जैसे संगीन आरोप लगाए गए थे। फिलहाल महेंद्र शर्मा मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
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सीएमओ डॉ अरुण कुमार ने बताया कि वह कुछ समय से प्रशासनिक कार्य नहीं करना चाहते थे। डॉ आशुतोष सिंह से अपने डिजिटल हस्ताक्षर भेजने को कहा था। इसके अलावा उनसे कोई ऐसी बात नहीं हुई, जिससे वे आहत हों। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहें तो काम पर वापस आ जाएं, उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
अध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ खीरी डॉ आरएस मधौरिया ने बताया कि किसी भी हालात में डॉक्टरों का मानसिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संगठन विरोध प्रदर्शन कर अपनी मांगें शासन के समक्ष रखेगा।
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