खाली थी बस, वरना होता बड़ा हादसा
घटना के दौरान बस पूरी तरह खाली थी। माना जा रहा था कि प्राइवेट बस ने सवारियों को कुछ दूर पहले ही उतार दिया था। खाली बस खड़ी करने के लिए चालक ले जा रहा था। बस अपने नियत स्थल पर पहुंचती, इससे पहले ही हादसा हो गया। लोगों का कहना था कि बस में अगर सवारियां होती तो पथराव और आगजनी की घटना के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल सवारियां न होने की सूचना के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली।
अगर समय से पहुंचती एंबुलेंस तो बच जाती अभिमन्यु की जान
घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि हादसे के तुरंत बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई थी। पुलिस तो कुछ देर में घटनास्थल पर पहुंच गई, जबकि एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक नहीं पहुंच सकी थी। मृतक के परिजनों का कहना था कि अगर समय से अभिमन्यु को अस्पताल में भर्ती कराया जाता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही अभिमन्यु ने भी दम तोड़ दिया।