लखीमपुर खीरी। जनपद के पांच स्थानों लखीमपुर, मैगलगंज, पलिया, संपूर्णानगर और कस्ता में अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के मालिकों ने शाखाएं संचालित करके निवेशकों को लाखों रुपये का चूना लगाया है। सोसाइटी ने स्थानीय एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये जमा कराए थे, लेकिन डेढ़ साल से सोसाइटी के मालिकों ने एजेंटों से बात करना बंद कर दिया, वहीं सभी शाखाएं भी बंद हो चुकी हैं। परेशान निवेशकों ने रुपये वापस करने के लिए एजेंटों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, जिससे परेशान होकर एजेंटों ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने सदर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
मितौली निवासी एजेंट सुधीर कुमार दीक्षित ने कोर्ट को दिए शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने लखीमपुर के मोहल्ला संकटा देवी में हेड ऑफिस खोला था, जहां पर नवंबर 2012 में उसे सोसाइटी के अधिकारियों द्वारा ज्वाइन कराया गया था। इसके अलावा एजेंट मुकेश सिंह की भर्ती 2017 में व हरीश कुमार की 2016 में की गई थी। कई सालों तक एजेंटों के माध्यम से सोसाइटी ने निवेशकों का रुपया जमा कराया, जिसके बाद परिपक्वता पूर्ण होने पर निवेशकों को भुगतान देना बंद कर दिया। वहीं एजेंटों का मानदेय/ कमीशन भी रोक दिया। इससे सभी पांचों शाखाएं बंद हो र्गइं।
सुधीर दीक्षित ने बताया है कि सोसाइटी पर उसका कमीशन भुगतान छह लाख रुपये, विश्वनाथ निषाद का 3.65 लाख, मुकेश सिंह का 3.78 लाख, हरीश कुमार का करीब एक लाख रुपये मानदेय बाकी है, इसके अलावा हजारों निवेशकों के करीब दो करोड़ रुपये सोसाइटी में जमा हैं, जिनके रसीद बांड, पासबुक खाताधारकों को उपलब्ध कराए गए थे। सोसाइटी ने कुछ समय तक लोगों को भुगतान करने का झांसा दिया, जिसमें आखिरी बार 21 मई 2019 को सोसाइटी के अधिकारी से एजेंट की बात हुई थी। इसके बाद से सोसाइटी के अधिकारी व मालिकों ने अपने मोबाइल बंद कर दिए हैं, जिससे सोसाइटी में खून-पसीने की कमाई जमा करने वाले खाताधारकों में खलबली मची है और स्थानीय एजेंटों पर भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं।
अभी हमारे पास आदेश की प्रति नहीं आई है, जिससे मामले की जानकारी नहीं है। आदेश प्राप्त होते ही मामले में मुकदमा दर्ज करके विवेचना की जाएगी।
- सुनील कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली
करीब 250 निवेशक सोसाइटी के जाल में फंसे
अनंत निधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने लखीमपुर में हेड ऑफिस खोलने के बाद सबसे पहले मैगलगंज में शाखा खोली थी, जहां पर सबसे ज्यादा करीब 100 खाताधारकों से करीब एक करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। इसके अलावा कस्ता, पलिया, संपूर्णानगर में भी शाखाएं खोलकर सोसाइटी ने करीब 150 लोगों को अच्छा ब्याज देने का झांसा देकर लाखों रुपये जमा कराए थे। एजेंट बताते हैं कि जिले की पांचों शाखाओं से करीब दो करोड़ से अधिक रुपये जमा कराए गए थे। इस सोसाइटी में पैसा जमा करने वाले ज्यादातर मध्यमवर्गीय परिवारों के लोग शिकार बने हैं। जो स्थानीय एजेंटों के विश्वास पर रुपये जमा करते रहे।