पसगवां। डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत जमुका में विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। टीम के सामने ही शिकायतकर्ता व प्रधान तथा उनके सहयोगियों के बीच हॉटटॉक होने पर माहौल गर्म हो गया।
शिकायतकर्ता शैलेंद्र कुमार ने पंचायती राज समिति को शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। पहले हुई जांच से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुआ था। शैलेंद्र कुमार का कहना है, जब तक ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होकर दोषियों को सजा नहीं मिलेगी वह यह जंग जारी रखेगा।
आरोप है कि डीएसओ अश्वनी कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई स्थलीय जांच के दौरान सहायक अभियंता की तकनीकी जांच भी संदेह में है।
इससे पहले डीएसओ अश्वनी कुमार सिंह से शिकायतकर्ता के अभिलेखों को देखा। इसमें गांव में बने सामुदायिक शौचालय में मरम्मत व उसका संचालन न होना, जमुका व भोगीपुरमनी में परिषदीय स्कूल की बाउंड्रीवाल, गांव में कराए गए रिबोर, नल मरम्मत, इंटरलाकिंग मार्ग, छह अपात्रों को आवास दिए जाने सहित पंचायत भवन में फर्नीचर के नाम पर भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। डीएसओ अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि निष्पक्ष जांच रिपोर्ट बनाकर डीएम को कार्यवाही के लिए सौंपी जाएगी।