लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की छात्राएं शिक्षा के साथ अब संगीत की दुनिया में भी अपना हुनर साबित कर रही हैं। कॉलेज में नियमित रूप से चलने वाली संगीत कक्षाओं में छात्राएं तबला सहित अन्य वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण ले रही हैं। खास बात यह है कि यहां से प्रशिक्षण पाकर कई छात्राएं आगे चलकर संगीत के क्षेत्र में पहचान बना चुकी हैं।
संगीत विभाग तबला की असिस्टेंट प्रोफेसर शिवांगी सक्सेना छात्राओं को न सिर्फ तबले की बारीकियां सिखा रही हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी भर रही हैं। उनकी मार्गदर्शक भूमिका से अब तक दर्जनों छात्राएं तबला वादन में निपुण होकर आगे बढ़ चुकी हैं।
कॉलेज का यह प्रयास नारी सशक्तीकरण का मजबूत उदाहरण बनता जा रहा है, जहां बेटियां पारंपरिक शिक्षा के साथ कला के क्षेत्र में भी अपना भविष्य संवार रही हैं। वहीं, संगीत सीखकर वे न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि रूढ़ धारणाओं को तोड़कर नई दिशा भी दे रही हैं।
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संगीत की दिशा में बढ़ छात्राओं की रुचि
शिवांगी संगीत तबला में ऑल ओवर इंडिया गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से प्रभाकर एवं प्रवीण की उपाधि प्राप्त की और यूजीसी नीट, जेआरएफ उत्तीर्ण कर अकादमिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की।उन्होंने बताया कि छात्राओं को संगीत वादन के व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पक्षों में दक्ष बनाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। छात्राओं की बढ़ती रुचि तथा उनकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं।
संगीत वादन विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्रा कीर्ति कश्यप ने कहा कि स्नातक आर्य कन्या पीजी कॉलेज से पूरा किया। आगे भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के दौरान तालवाद्य तबला विभाग में तृतीय स्थान प्राप्त कर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सम्मानित किया। बीपीएससी स्टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना भी मेरे संगीत सफर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
संगीत की छात्रा पूर्णिमा देवी ने बताया कि उन्होंने स्नातक भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय से किया, जहां उन्हें अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। वर्तमान में वह भातखंडे संगीत विद्यापीठ से विशारद कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में राग व ताल के विविध आयाम विषय पर आयोजित सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। वह शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और प्रसार के लिए निरंतर कार्य करना चाहती हैं।
संगीत की छात्रा नैना पटेल ने अपनी संगीत शिक्षा स्वर संगम संगीत विद्यापीठ में प्राप्त की। उन्होंने अपना स्नातक आर्यकन्या महाविद्यालय से किया, जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर उन्होंने अपनी कला को निखारा। नैना ने कहा कि उनका लक्ष्य संगीत साधना को आगे बढ़ाना और शास्त्रीय संगीत के संरक्षण व प्रसार के लिए निरंतर कार्य करना है।
नैना पटेल
नैना पटेल
नैना पटेल