लखीमपुर खीरी। अलग-अलग बीमारियों का एलोपैथी से इलाज कराया, लेकिन दवा बंद होते ही परेशानी फिर बढ़ गई। बाद में आयुर्वेदिक उपचार और खानपान में बदलाव से राहत मिलने का मरीजों ने दावा किया। आयुर्वेद दिवस पर जिले के कई मरीजों ने अपने अनुभव साझा किए।
मोहल्ला निर्मल नगर के अधिवक्ता अशोक कुमार पुष्कर ने बताया कि वह ढाई साल से पैंक्रियाज की समस्या से परेशान थे। लखीमपुर के साथ लखनऊ में भी इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। इलाज में काफी रुपये खर्च हुए। बाद में आयुर्वेदिक चिकित्सक के संपर्क में आए और उपचार शुरू कराया। अब काफी हद तक समस्या का समाधान हो चुका है।
मोहल्ला आवास विकास की 75 वर्षीय विमला गुप्ता को लंबे समय से सर्वाइकल की समस्या है। उन्होंने बताया कि काफी अंग्रेजी दवा कराई, लेकिन आराम नहीं मिला। आयुर्वेदिक उपचार और एक्सरसाइज से आराम है।
शहर की श्रीराम नगर कॉलोनी निवासी संगीता मौर्य ने बताया कि कमर की नस दबने से दर्द, पैरों में खिंचाव, बीपी बढ़ना आदि समस्याएं थीं। डेढ़ साल तक लखनऊ के सभी बड़े अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। आयुर्वेदिक इलाज से उन्हें 90 प्रतिशत से अधिक आराम है।
आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी रुकमेश मिश्र ने बताया कि उनके पास कई ऐसे मरीज आए, जो लंबे समय से बीमारी का इलाज करा रहे थे, लेकिन राहत नहीं मिली। आयुर्वेदिक इलाज से उन्हें फायदा हुआ है।