जिले में सरकारी योजनाओं का बुरा हाल है। खासकर केंद्र सरकार पोषित इंदिरा आवास योजना और राज्य सरकार पोषित डॉ. राममननोहर लोहिया समग्र गांवों में हुए निर्माण कार्यों में अनियमितताएं सामने आ रहीं हैं। कहीं इंदिरा आवास का गलत आवंटन किया गया है तो कहीं नियमों के विपरीत योजना का पैसा लेकर अधूरी निर्माण सामग्री दे दी गई। इससे आवासों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। हाल ही में परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह की जांच में गांवों में हो रहे विकास कार्यों की कलई खुल गई।
केस-एक
मिलीभगत कर अपात्रों को दिला दिए आवास
पीडी की जांच के मुताबिक ईसानगर ब्लाक की ग्राम पंचायत मुखलिशपुर में इंदिरा आवास योजना में वर्ष 2014-15 में गांव के अनुसूचित जाति के 15 लोगों को आवास स्वीकृत किए गए थे। ग्राम प्रधान और पंचायत सेक्रेटरी की मिलीभगत से सूची में दूसरे वर्ग के उसी नाम के लोगों को इंदिरा आवास आवंटित कर दिए गए। इसके लिए बाकायदा बीडीओ की संस्तुति के आधार पर खाता नंबर भी संशोधित करा लिए गए और पहली किस्त का पैसा भी खातों में भेज दिया गया। जिसके बाद अपत्रों के आवासों का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया। योजना में दूसरी किस्त की डिमांड करने पर जब पीडी गांव में सत्यापन करने पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ। पीडी के मुताबिक इस बीच प्रधान ने अपने पैसे से लाभार्थियों की छत तक डलवा दी। जिसका मानक भी ठीक नहीं पाया गया।
केस-दो
पैसा लिया पूरा, कार्य हुआ अधूरा
रमियाबेहड़ ब्लाक के गांव संकल्पा में इंदिरा आवास योजना के तहत आधा दर्जन से अधिक लाभार्थियों से ग्राम प्रधान से योजना की पहली किस्त का पूरा पैसा ले लिया। जिसके बाद आवासों का निर्माण कार्य शुरू कराया गया। पीडी की जांच में आवासों का आधा-अधूरा निर्माण हुआ है, जिसकी निर्माण सामग्री भी ठीक नहीं है। आरोप है कि प्रधान ने योजना का पैसा तो ले लिया, लेकिन पात्रों को अब तक इंदिरा आवास की छत नहीं नसीब हो सकी है। इस मामले में प्रधान से पैसा वापसी के लिए पीडी ने संबंधित बीडीओ को पत्र भेजा है, लेकिन अभी कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई है।
केस-तीन
सड़क निर्माण में घटिया क्वालिटी की ईंटें मिलीं
वर्ष 2014-15 में चयनित रमियाबेहड़ ब्लाक के डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव सरपतहा में सीसी रोड के निर्माण में बाक्सिंग के लिए लगाई जा रहीं ईंटें घटिया क्वालिटी की मिली हैं। पीडी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गांव में कई और खामियां भी मिलीं हैं। सड़क निर्माण में लग रहीं ईंटों को वापस कर अव्वल ईटें लगाने के लिए आरईएस विभाग को पत्र भेजा गया है।
परियोजना निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच में मुखलिशपुर गांव में इंदिरा आवास का आवंटन अपात्रों को करने और संकल्पा में प्रधान द्वारा लाभार्थियों का पैसा लेने की बात सामने आई है। जिस पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।