पुलिस को दिए शिकायती पत्र में जागेश्वर ने कहा है कि गांव के बाहर मुख्य मार्ग के किनारे वह झोपड़ी डालकर उसमें पशु पालता है। वहां पशुओं के चारे के लिए भूसा आदि भरता है। वह दो फरवरी को रात लगभग आठ बजे गांव स्थित मकान पर खाना खाने गया था। तभी गांव के ही एक व्यक्ति ने रंजिशन आग लगा दी, जिससे झोपड़ी में बंधे उसके दो बैल झुलस गए और झोपड़ी में रखे बिस्तर, इंजन आदि सामान जल गया है।