विधान परिषद सदस्य पद पर चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों
की मंगलवार को जांच की गई। जिसमें सभी पांचों प्रत्याशियों का नामांकन पत्र
वैध मिला। नामांकन पत्रों की वैधता साबित होने के बाद अब सबकी नजरें 18
फरवरी को नाम वापसी की तिथि पर टिक गई है। इसी दिन चुनाव लड़ने वाले
प्रत्याशियों और भाजपा समर्थित प्रत्याशी की तस्वीर साफ हो सकेगी।
मंगलवार को एडीएम कोर्ट में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सुबह 10 बजे से लेकर 12 बजे तक तेलंगाना कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रेक्षक सैयद उमर जलील, डीएम किंजल सिंह और एडीएम एसपी सिंह भी मौजूद रहे। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीएम किंजल सिंह ने बताया कि सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वैध पाए गए हैं। वहीं एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि 18 फरवरी को नाम वापसी की तिथि है, उसके बाद तीन मार्च को मतदान तथा छह मार्च को मतगणना कराई जाएगी। इसी दिन जीते हुए प्रत्याशी की घोषणा भी होनी है। बता दें कि इस चुनाव में भाजपा ने दो प्रत्याशियों को समर्थन दिया है, लेकिन जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी ने इनमें मजबूत एक ही प्रत्याशी को समर्थन देने की बात कही है। ऐसे में 18 फरवरी यानि नाम वापसी को ही भाजपा समर्थित प्रत्याशी का भी खुलासा होगा।
2655 मतदाता डालेंगे वोट
बता दें कि एमएलसी पद के लिए कुल 2655 मतदाता मतदान करेंगे। इनमें ग्राम प्रधान, 2010 में निर्वाचित हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य, नगर पालिका/नगर पंचायत सदस्य, विधायक, सांसद मतदान करेंगे।
नामांकन पत्रों पर किसी ने नहीं की आपत्ति
लखीमपुर खीरी। डीएम किंजल ंसिंह ने प्रेक्षक एम वीराब्रहमय्या की उपास्थित में सभी नामांकन पत्रों की समीक्षा की। इस दौरान कोई भी प्रत्याशी निर्धारित समय से आधे घंटे बाद तक भी उपस्थित नहीं हुआ। किसी नामांकन पत्र पर कोई आपत्ति नहीं आई। वहीं एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन के सकुशल संपादन के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक एम. वीराब्रहमय्या आ गए हैं और वह 18 फरवरी तक जनपद में ही रहेंगे।