दीप प्रज्ज्वलित करते मुख्य अतिथि डाक्टर रमारमण मिश्र। संवाद
धौरहरा। कफारा कस्बे के माता आशापूर्णा मंदिर में चल रहे कफारा महोत्सव में सोमवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों की ओजपूर्ण, हास्य और शृंगार रस से भरपूर रचनाओं ने श्रोताओं को बांधे रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ सर्जन डॉ. रमारमण मिश्र ने किया। शृंगार रस के कवि नवल सुधांशु ने देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियां रंग सारे मिले हर जगह पर, तिरंगे सा कोई नहीं... पढ़कर खूब तालियां बटोरीं। हास्य कवि विकास बौखल ने पसीने की करो पूजा, गरीब भाग जाएगी... जैसी रचना से श्रोताओं को गुदगुदाया। ओज कवि प्रख्यात मिश्र ने चढ़ाओ मिलकर फूल कनवर्जन की अर्थी पर... पढ़कर ओजस्वी माहौल बनाया।
हास्य कवि नरकंकाल ने एसआईआर से जुड़े नाम परिवर्तन पर कटाक्ष किया, जबकि गीतकार कुलदीप कलश ने एक-दूजे के दिल में न घर कर सके लो... सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इनके अलावा अमित कैथवार और कवयित्री कृति श्रीवास्तव ने मन को जीत कर मिटा दे हम हार की रेखा... से श्रोताओं को प्रेरित किया।
इस दौरान डाॅ. रमारमण मिश्र, अनुपम अवस्थी, विजय जायसवाल, उत्तम राज, आकाश तिवारी और महेश गंभीर मौजूद रहे। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।