पलियाकलां। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के साथ ही इलाके में होने वाली बरसात को देखते हुए तहसील प्रशासन ने बाढ़ से बचने के लिए तैयारियां पूरी कर लीं हैं।
एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि अभी शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है लेकिन पहाड़ों पर होने वाली बारिश को देखते हुए नेपाली नदियों का पानी इधर आएगा। बाढ़ से तहसील क्षेत्र के अतरिया, श्रीनगर, दौलतापुर, मझौरा समेत कुल मिलाकर 140 गांव प्रभावित होते हैं। बचाव के लिए इन क्षेत्रों के आसपास पांच केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 24 चौकियों की स्थापना की गई है।
एक मोटरबोट, 51 नाव, 33 गोताखोरों की टीम भी तैयार की गई है। एसडीएम ने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित गांवों के लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में सतर्क रहें और लोगों को जागरूक भी करें।
बारिश से जलभराव, पेड़ गिरने से बाधित रही बिजली सप्लाई
पलियाकलां। बुधवार को सुबह से ही मौसम खराब रहा। दोपहर 12 बजे तेज बारिश होने से गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन उमस तब भी बनी रही। दोपहर 01ः30 बजे तक बारिश होती रही। तेज बारिश से कई गांवों में जलभराव हो गया। दुधवा तिराहे पर स्थित अस्पताल के पीछे गली में जलभराव होने से स्कूली बच्चों को निकलने में परेशानियां हुईं। बोझवा, मटैहिया समेत कई गांवों के कच्चे रास्ते जलमग्न हो गए। बारिश की वजह से कई मोहल्ले में सुबह से दोपहर 03ः00 बजे तक विद्युत सप्लाई भी बाधित रही। हाइडिल कॉलोनी में एसडीओ कार्यालय के पास पेड़ बिजली लाइन पर गिर गया। जिससे करीब चार-पांच घंटे बिजली सप्लाई बाधित रही। पेड़ को हटाने के बाद सप्लाई सुचारु की गई। संवाद
मूसलाधार बारिश से घरों और रास्तों में भरा पानी
पसगवां। मूसलाधार बारिश होने और नालियां न होने से ग्राम पंचायत किरियारा के कई घरों में पानी भर गया है। मंगलवार और बुधवार को काफी समय तक मूसलाधार बारिश हुई। जल निकास की व्यवस्था न होने से और तालाब में पड़ा हुआ पाइप बंद होने से कई घरों और गलियों में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। कई घरों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। प्रधान मोहम्मद नजीम ने बताया कि एक पूर्व प्रधान के घर नजदीक तालाब का अतिक्रमण कर जल निकास बंद कर दिया है। इससे तालाब में डलवाया गया पाइप अवरुद्ध हो गया है। संवाद
संपर्क मार्गों पर भर गया पानी
बिजुआ। मंगलवार की रात हुई तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में आने जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया है। गुलरिया चीनी मिल कैंपस में भी पानी भरा हुआ है। गुलरिया, नौसर जोगी, रामनगर, रैनागंज, जंगल नंबर 7, कुंवरपुर कलां, रडा़ बिल्हा सिकटिया, हजूरपुरवा, करसौर नयापुरवा आदि गांवों में पानी भर गया है। जिन किसानों ने धान लगाने के लिए खेत तैयार किए थे उनमें तीन से चार फीट पानी भरा होने से धान की फसल लगने में विलंब हो सकता है। गन्ने की फसलों में भी पानी भरा हुआ, जिससे फसल की पैदावार पर असर पड़ सकता है। संवाद
पलिया में बारिश के बाद प्राइवेट अस्पताल के पीछे रोड पर जलभराव में निकलते बचचे।