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Lakhimpur Kheri News: इस्तीफों की झड़ी के बीच पार्टी पदाधिकारियों के घर पहुंचे अखिलेश

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नस रसीद के घर पर परिजनों से बात करते अखिलेश यादव
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लखीमपुर खीरी। कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के बहाने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिले की नब्ज टटोलने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ताबड़तोड़ दौरे शुरु कर दिए हैं। सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों के घर जाकर आगे की रणनीति तय की। हालांकि, इस दौरान पुराने पार्टी नेताओं में असंतोष के स्वर उभरे, जबकि हमेशा मौजूद रहने वाले राष्ट्रीय स्तर के नेता भी उनके काफिले से गायब दिखे।
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दो महीना पहले ही लोकसभा चुनावों को लेकर अखिलेश यादव ने पार्टी में करंट दौड़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर का खाका तय किया था लेकिन अखिलेश के जनपद दौरे से पहले ही मुस्लिम समाज के आधा दर्जन से भी ज्यादा नेताओं ने धड़ाधड़ इस्तीफे दे दिए। जबकि अन्य वर्गों के लोग भी इसमें शामिल हैं। ऐसे में दौरे से पहले ही बिगड़े हालात पर अखिलेश ने डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। सोमवार को अखिलेश यादव ने मुस्लिम समाज के दो बड़े नेताओं समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के घर जाकर मुलाकात की।
यहां पर अखिलेश ने मेहमाननवाजों से खुलकर मौजूदा हालात को लेकर चर्चा की। इस पर स्थानीय नेताओं ने उन्हें सब कुछ सही सलामत होने का भरोसा दिया। हालांकि, पुराने नेताओं का हाल चाल न लेने पर उनमें असंतोष है।
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राजनीतिक समीकरणों को भांपते रहे
सोमवार को सबसे पहले अखिलेश यादव पूर्व विधायक आर ए उस्मानी के घर गए। करीब 45 मिनट तक रहने के बाद बाद जिला उपाध्यक्ष अनस रसीद के घर जाकर उनके परिवार का हाल लिया। बताते हैं कि अखिलेश यादव ने मुस्लिम समाज के इन नेताओं से पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा की और हालात पर चिंता जताई। ऐसे में सभी ने भरोसा दिया कि रूठों को मना लिया जाएगा। हालात संभल जाएंगे।

पुराने नेताओं में उभरे असंतोष के सुर
नेताजी के करीबी और दिग्गज सपाई रहे जिले के मरहूम बंशीधर राज के परिवार वालों ने भी उनका हाल चाल न लेने पर असंतोष जाहिर किया। उनके पुत्र डॉ. कृष्णराज ने कहा कि उनके पिता बंशीधर राज एक समय में वह सपा के पुरोधा कहे जाते थे। समाजवादी पार्टी ने उनके परिवार को नजरअंदाज करते हुए उनकी कोई सुध नहीं ली। बताया कि एक समय में मुलायम सिंह की सरकार को गिरने से बचाने वाले बंशीधर राज ने सरकार बचा कर इतिहास रचा था। 15 फरवरी 2022 को उनकी आकस्मिक निधन के बाद कोई भी बड़ा नेता नहीं पहुंचा। जबकि, दल बदलू नेताओं के पार्टी ज्यादा तवज्जो दे रही है।

कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए राष्ट्रीय महासचिव रवि वर्मा
लखीमपुर खीरी। दो दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आगमन की सूचना के बाद भी राष्ट्रीय महासचिव रवि वर्मा कार्यक्रम में नहीं दिखाई दिए। रवि वर्मा के न मौजूद रहने की चर्चा होती रही। बताते हैं कि रवि वर्मा किसी बात को लेकर पार्टी से नाराज है, शायद इसी के चलते वह कार्यक्रम में नहीं शामिल हो सके।
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