124 सदस्यों में से 84 के समर्थन का दावा, एडीएम को सौंपे शपथ पत्र
अब तक चार प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने से सपाइयों में खलबली
ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्तावों की कड़ी में मंगलवार को मितौली ब्लाक प्रमुख रामखेलावन भार्गव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी और विधायक सौरभ सिंह सोनू की अगुवाई में बीडीसी सदस्य डीएम कार्यालय पहुंचे, जहां मौजूद डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय को अविश्वास प्रस्ताव संबंधी पत्र सौंपा ।
मितौली ब्लॉक में 124 बीडीसी सदस्य हैं, जिनके आधे से एक अधिक सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में होने आवश्यक हैं। मौजूदा समय में एक बीडीसी सदस्य का पद रिक्त हैं। बहुमत के लिए आवश्यक 63 सदस्यों के मुकाबले अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 80 सदस्यों के शपथ पत्र संलग्न किए गए हैं। बताते चलें कि मितौली ब्लॉक प्रमुख रामखेलावन भार्गव कस्ता से सपा विधायक रहे सुनील कुमार भार्गव के छोटे भाई हैं, जिनकी सपा सरकार में ताजपोशी हुई थी। योगी सरकार आने के बाद मितौली ब्लॉक प्रमुख भाजपाइयों के निशाने पर थे। अब इस सीट पर कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू खेमे के राजीव वर्मा को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वालों में मितौली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ नरेंद्र सिंह, अवधेश सिंह, राजीव वर्मा समेत बीडीसी सदस्य शामिल रहे। डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि प्रस्ताव और शपथ पत्रों की जांच कराकर 15 दिन बाद सदस्यों को नोटिस जारी की जाएगी। इसी नोटिस के माध्यम से अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के लिए डेट निर्धारित कर दी जाएगी।
पहले भी तीन प्रमुखों के खिलाफ पेश हुआ अविश्वास
बताते चलें कि सबसे पहले फूलबेहड़ ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सात जुलाई की डेट लगाई जा चुकी है। इसके बाद शनिवार को ईसानगर और बिजुआ प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है।