केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्र ने भी आरती राना को सम्मानित किया।
कई बार जांचे गए आरती राना के 32 पन्नों के दस्तावेज, स्वागत सम्मान में हुआ रात्रिभोज
लखीमपुर खीरी। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर तीन साल तक चली परीक्षा के बाद थारु क्षेत्र की आरती राना को आखिरकार दिल्ली में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार मिल ही गया। आरती राना के इस पुरस्कार का प्रस्ताव 2019 में भेजा गया था। उधर, असाधारण महिलाओं के सम्मान में देर शाम राष्ट्रपति भवन में रात्रिभोज भी हुआ, जिसमें आरती राना भी शामिल रहीं। डीएम महेंद्र बहादुर समेत तमाम हस्तियों ने जिले का गौरव बढ़ाने के लिये आरती राना को फोन पर बधाइयां दीं।
थारु समुदाय की चंदनचौकी इलाके की रहने वाली आरती राना को राष्ट्रपति भवन में आयोजित 2020 और 2021 के नारी शक्ति पुरस्कार दिया गया। आरती राना ने पुरस्कार पाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। दुधवा के जंगलों में गोबरौली गांव की आदिवासी जनजाति समुदाय की आरती राना ने हस्तशिल्प कारोबार शुरू कर स्वयं सहायता समूह बनाए और थारु क्षेत्र की हजारों महिलाओं को अपने साथ जोड़ा। मुश्किल हालात में भी हौसला रख खुद समेत अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी आरती राना को उनकी असाधारण प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया है।
आरती राना के साथ दिल्ली गए परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजाति विकास यूके सिंह ने बताया कि 2019 में जिले से नारी शक्ति पुरस्कार के लिए आरती राना का नाम भेजा गया था। पहले यूपी सरकार की तरफ से संस्तुति हुई, उसके बाद केंद्र सरकार ने मामले का परीक्षण किया।
बताते हैं कि करीब 32 पन्नों में आरती राना का प्रोफाइल सरकार को भेजा गया था। दिल्ली से फोन पर उन्होंने बताया कि उन्हें यूपी भवन में, जबकि आरती राना को अशोका होटल में ठहराया गया है। दिन में राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने के बाद देर रात राष्ट्रपति भवन में महिलाओं के सम्मान में रात्रिभोज का भी आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल रहीं।
राष्ट्रपति के हाथों नारी शक्ति पुरस्कार प्राप्त करतीं आरती राना।