मझगईं। सोमवार देर शाम मझगईं वन रेंज के चौखड़ा फार्म में बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस-प्रशासनिक व वन अधिकारियों का जमावड़ा लग गया, लेकिन परिजन शव उठने नहीं दे रहे थे। रात करीब 12 बजे के बाद तात्कालिक सहायता राशि मिलने और मुआवजे के आश्वासन पर परिजन माने।
मझगईं के रजागंज निवासी नत्थू का 25 वर्षीय पुत्र बाबूराम चौखड़ा फार्म में एक किसान के यहां गया था और शाम करीब पांच बजे किसान के झाले के पास नाली की सफाई कर रहा था। बताया जाता है उसके कुछ साथी ग्रामीण थोड़ी दूर खेत में काम कर रहे थे। इस बीच गन्ने के खेत में छिपे बाघ ने बाबूराम पर हमला कर दिया। गर्दन दबोचकर गन्ने के खेत में खींच ले गया। खेत पर काम कर रहे अन्य लोगों ने खून देखने पर शोर मचाना शुरू किया।
वन विभाग की टीम और ग्रामीण ग्रामीण आगे बढ़े तो आधा किलोमीटर दूर नाले के पास स्थित लखवीर सिंह के खेत में बाबूराम का अधखाया शव बरामद हुआ। बाबूराम का बायां हाथ बाघ खा गया था। सूचना जब परिजनों को मिली तो उन्होंने खेत में शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने मांग रखी कि पत्नी को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा देने के साथ बाघ को पकड़ा जाए।
हंगामे की सूचना पर पलिया नायब तहसीलदार दिलीप कुमार, कोतवाल मनबोध तिवारी, मझगईं थाना प्रभारी दयाशंकर द्विवेदी समेत वन विभाग के रेंजर अंकित सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। रात करीब 12 बजे के बाद अधिकारियों के समझाने, डीएफओ के निर्देश पर तत्काल बीस हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने के अलावा पांच लाख का मुआवजा देने की बात पर परिजन माने। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गर्भवती पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक बाबूराम की गर्भवती पत्नी गेंदा देवी पर दुखों का पहाड़ टूटा है। उसकी दो साल पहले ही बाबूराम से शादी हुई थी और एक साल का पुत्र आदित्य भी है। गेंदा ने रोते हुए बताया कि उसकी जेठानी के यहां सुबह ही कन्या का जन्म हुआ था। सभी बहुत खुश थे। पति दोपहर में खाना खाने आए थे और चार बजे काम खत्म कर घर आने की बात कही। साथ ही भतीजी के जन्म की खुशी में लड्डू भी बांटने को कहकर गए थे। लेकिन, देर शाम उनकी मौत की खबर आने के बाद खुशियां मातम में बदल गईं।
कुछ लोग शावकों के साथ घूम रही बाघिन को बता रहे हमलावर
ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार शावकों के साथ बाघिन देखी जा रही थी, जो अभी तक करीब आधा दर्जन मवेशियों को अपना शिकार बना चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि बाबूराम पर हमला करने वाली बाघिन ही है। हालांकि, वन विभाग कैमरों के जरिये जांच कर रहा है।
तात्कालिक सहायता के रूप में 20,000 रुपये नकद दिए गए हैं। पांच लाख रुपये का मुआवजा भी दिलाया जाएगा। बाघ को पकड़ने के लिए दो पिंजरे मंगाए गए हैं। कैमरे लगवाए गए हैं। वन विभाग की टीमें बाघ की लोकेशन पता में जुटी हैं।
-अंकित सिंह, मझगईं रेंजर
बाघ के हमले में मृतक मझगईं के रजागंज निवासी बाबूराम का फाइल फोटो।