लखीमपुर खीरी। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की पहली पाली छूटते ही शुक्रवार दोपहर शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ा तो यातायात व्यवस्था के इंतजाम धरे रह गए। अभ्यर्थियों की भीड़ के बीच रोडवेज बसें पुलिस लाइन से निकलकर प्रमुख मार्गों पर पहुंचीं तो जीआईसी, गांधी विद्यालय चौराहा, बस स्टेशन रोड और रेलवे स्टेशन के सामने वाहनों की कतारें लग गईं।
जाम में परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों के साथ स्कूली बच्चे और एंबुलेंस भी फंस गई। यातायात पुलिस की तैनाती के बावजूद वाहन चालकों को निकलने में काफी समय लगा। दूसरी ओर सीओ यातायात का दावा है कि कहीं जाम लगा भी तो 10 मिनट में रास्ता खुलवा दिया गया।
जिले के 24 कॉलेजों में पीईटी आयोजित की गई थी। इनमें 22 परीक्षा केंद्र शहर में थे। दोपहर 12 बजे पहली पाली की परीक्षा छूटते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी केंद्रों से बाहर निकले और अपने गंतव्य की ओर बढ़े। इससे शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। जीआईसी, जीजीआईसी, गांधी विद्यालय चौराहा, बस स्टेशन रोड और रेलवे स्टेशन के सामने वाहनों की कतारें लग गईं।
जाम की समस्या को रोडवेज बसों की आवाजाही ने और बढ़ा दिया। रोडवेज बस स्टेशन परिसर और भवन में निर्माण कार्य चलने के कारण बसों को खड़ा करने की जगह नहीं बची है। ऐसे में बसें पुलिस लाइन में खड़ी की जा रही हैं। पुलिस लाइन से निकलकर बसें जीआईसी, गांधी विद्यालय चौराहा, टैक्सी स्टैंड और बस स्टेशन के पास पहुंचीं तो पहले से दबाव झेल रहे यातायात की रफ्तार और धीमी हो गई। बसों के बीच दूसरे वाहनों को निकलने की जगह नहीं मिली और कतारें लगती चली गईं।
इसका असर आम राहगीरों के साथ परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों पर भी पड़ा। गांधी विद्यालय चौराहे पर कार में अभ्यर्थी के साथ फंसे रमेश चंद्र ने बताया कि वह करीब 10 मिनट से एक ही जगह खड़े हैं। आगे रोडवेज बसों के कारण जाम लगा है। बस स्टेशन रोड पर सीतापुर से आए अभ्यर्थी आलोक गुप्ता भी काफी देर तक वाहन में फंसे रहे।
ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन जा रहीं महिला अभ्यर्थी शालिनी, नेहा और दीप्ति जीआईसी के पास जाम में फंस गईं। उन्होंने बताया कि उन्हें लखनऊ जाना है और ट्रेन का समय हो रहा है, लेकिन जाम के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इस दौरान स्कूली बच्चों और एंबुलेंस को भी जाम से जूझना पड़ा।
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बसों से ज्यादा ट्रेनों में रही भीड़
परीक्षा छूटने के बाद अभ्यर्थियों की भीड़ रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर भी पहुंची। बसों और ट्रेनों में सीट पाने के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ी। रोडवेज बसों के मुकाबले ट्रेनों में ज्यादा भीड़ रही। दोपहर एक बजे लखनऊ जाने वाली ट्रेन खचाखच भरी रही। इसके बाद गोरखपुर एक्सप्रेस में भी काफी भीड़ रही।
परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए लखीमपुर डिपो ने 150 बसों का इंतजाम किया था। इनमें 100 बसें लखीमपुर डिपो और 50 गोला डिपो की थीं। शाम को हल्की बारिश होने से परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। कई अभ्यर्थी बारिश थमने के इंतजार में सुरक्षित स्थानों पर रुके रहे। इसके चलते शाम की पाली में 25 अक्तूबर की परीक्षा के मुकाबले भीड़ कम रही।
लखीमपुर डिपो की एआरएम गीता सिंह ने बताया कि बसें पर्याप्त थीं। बारिश के कारण परीक्षार्थियों को दिक्कत हुई। अभ्यर्थी आते गए और उन्हें बसों से भेजा जाता रहा। लखनऊ के लिए 80 से अधिक बसें भेजी गईं। इसके अलावा शाहजहांपुर और बरेली के लिए भी बसें भेजी गईं।
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शहर के सभी मुख्य मार्गों और चौराहों पर पुलिस तैनात रही। जाम लगने नहीं दिया गया। कहीं जाम लगा भी तो 10 मिनट में रास्ता खुलता गया। परीक्षा छूटने के समय जाम और यातायात व्यवस्था से निपटने के लिए पहले से तैयारी की गई थी।
-अभिमन्यु त्रिपाठी, सीओ यातायात
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए लगी यात्रियों की भीड़। संवाद
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए लगी यात्रियों की भीड़। संवाद