लखीमपुर/धौरहरा। खाद के बाद किसानों से सरकारी बीज के नाम पर ठगी का खेल खेला जा रहा है। सब्सिडी छोड़कर 889 रुपये कीमत वाली गेहूं के बीज की बोरी किसानों को 1200 से 1400 रुपये में मिल रही है।
बीज के नाम पर किसानों से अवैध वसूली का यह खेल धौरहरा, रमियाबेहड़, पलिया, मितौली, मोहम्मदी, निघासन क्षेत्र के लगभग सभी सरकारी केंद्रों पर खेला जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसका खुलासा हुआ।
अभी तक किसानों को सब्सिडी पर बीज दिया जाता था। अब सरकार ने सब्सिडी काटकर बीज दिए जाने की व्यवस्था कर दी है। इस रबी सीजन में कृषि विभाग के पास 975.50 क्विंटल बीज बिक्री के लिए आया था, जिसका वितरण किया जा चुका है।
स्टोर इंचार्ज ने प्रति बोरी तीन से पांच सौ रुपये में बेचीं। कुछ किसानों ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन उसकी न तो जांच शुरू हुई न ही कोई कार्रवाई की गई। जबकि पारदर्शिता के लिए सरकार ने किसानों के आधार कार्ड और फिंगर मशीन पर अंगूठा लगाकर पर्ची के साथ बीज देने की व्यवस्था की थी। लेकिन इस व्यवस्था में भी सेंध लग गई।
रमियाबेहड़, धौरहरा में किसानों से अंगूठा लगवा कर उन्हें बिना पर्ची प्रति बोरी 1180 से 1400 रुपये में दी गई। जबकि वास्तविक मूल्य 889 रुपये है। राजकीय कृषि भंडार ढखेरवा चौराहे पर एक किसान को 1400 रुपये में गेहूं बीज की बिक्री करने का एक वीडियो भी वायरल हो रहा। वायरल वीडियो में किसान से इंचार्ज पीतांबर सिंह 1400 रुपये में प्रति बोरी बेचने की बात करते साफ दिखाई दे रहे हैं।
वहीं स्टोर इंचार्ज ने कहा कि आरोप निराधार है। वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।