धौरहरा। सुजईकुंड़ा के बीच नाले पर पुल बनाने के लिए आखिर शासन से स्वीकृति मिल गई है। यह पुल करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनेगा। इसके लिए विद्यार्थियों ने शिक्षा संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन भी किया था। इसमें 23 लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
धौरहरा तहसील मुख्यालय से करीब 20 गांवों को जोड़ने वाला सुजईकुंड़ा पुल विगत 40 वर्षों से अधूरा है। विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी ने बताया कि इस पुल को बनाने के लिए मुख्यमंत्री से मंजूरी मिल चुकी है। नवंबर के अंत तक टेंडर हो जाएगा। पुल को बनाने में अनुमानित लागत चार करोड़ रुपये आएगी। इस पुल के बनने से धौरहरा तहसील मुख्यालय से सुजईकुंड़ा, पंडित पुरवा, बिंजहा, भटपुरवाकलां सहित करीब 20 गांवों के लोगों का रास्ता सुगम होगा।
पुल बनाने के लिए लंबा चला संघर्ष
धौरहरा-सुजईकुंड़ा पुल बनाने के लिए यहां के लोगों को लंबा संघर्ष करना पड़ा। 19 नवंबर, 2022 में इस पुल को बनाने के लिए शिक्षा संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश गंभीर ने छात्रों के साथ मिलकर धौरहरा बाइपास पर सड़क जाम कर दी थी। प्रशासन ने 34 प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पुल की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है।