गोला गोकर्णनाथ। तहसील परिसर में तीन दिन से अनशन पर बैठे अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार पर कोई कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। तीन घंटे तक पुलिस-प्रशासन के साथ अधिवक्ताओं की सांसें अटकी रहीं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह के आश्वासन पर तीन घंटे बाद टंकी से नीचे उतरे। सीडीओ ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।
चार मई को तहसील परिसर में सीएचसी अधीक्षक डॉ. गणेश कुमार और ब्लॉक सामुदायिक प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) योगेश पाल के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में डॉ. गणेश कुमार की ओर से आरोपी अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव, मनुज वाजपेई व अन्य दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव ने डॉ. गणेश पर भ्रष्टाचार, तहसील परिसर आकर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति की जांच कराने, दर्ज कराए गए मुकदमे को स्पंज कराने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
कार्रवाई न होने पर मनोज श्रीवास्तव ने करीब 15 दिन का क्रमिक अनशन किया। वह तीन दिन से अनशन पर थे। बृहस्पतिवार को वह कई वकीलों के साथ ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से गोला, हैदराबाद, पसगवां सहित कई थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड यूनिट को बुला लिया। तहसील परिसर छावनी में तब्दील हो गया।सूचना पर पहुंचे सीडीओ अनिल कुमार सिंह और एएसपी नेपाल सिंह ने एसडीएम रत्नाकर मिश्रा के कार्यालय में सीओ मोहम्मदी अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार सुखबीर सिंह की मौजूदगी में वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बिहारी वर्मा, प्रदीप सिंह काजल, सुरेश गुप्ता सहित वकीलों के साथ लंबी वार्ता की।
करीब तीन घंटे बाद सीडीओ के आश्वासन पर अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव टंकी से नीचे उतरे। मनोज श्रीवास्तव की ओर से वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएचसी अधीक्षक पर एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी। इस मौके पर लाल बिहारी वर्मा, रामकुमार गौतम, प्रदीप सिंह काजल, अचल श्रीवास्तव, संदीप अवस्थी, अजय यादव, विजयकांत श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
इन बिंदुओं के आश्वासनों पर बनी बात
जो तहरीर दी गई है, विमर्श करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर स्पंज के संबंध में सम्यक विचार विमर्श के बाद शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। जांच कराई जाएगी। आवश्यक हुआ तो स्थानांतरण के निर्णय पर विचार किया जाएगा। अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी डॉक्टर से कोई रंजिश नहीं है। यदि मुकदमा स्पंज हो जाता है तो वह भी अपनी ओर से कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव को जूस पिलाकर आमरण अनशन तुडवाते सीडीओ।संवाद