महेवागंज। इंदिरा मनोरंजन के आरक्षित वन क्षेत्र में करीब आठ माह से डेरा जमाए तेंदुए की चहल कदमी बढ़ती जा रही है। अब तक परिसर की दीवार और तालाब तक तेंदुआ की पहुंच हो रही थी, बुधवार रात राजकीय फार्म की आवासीय कॉलोनी में तेंदुआ देखे जाने का शोर मचा।
कॉलोनी में अधिकतर मजदूरों के झोपड़ पट्टी वाले घर बने हैं। मजदूर रमेश सिंह, राजपाल, पप्पू, उमेश कुमार, रमेश कुमार, श्रीकृष्ण, आदित्य कुमार और श्याम लाल आदि ने बताया कि जंगल में ही शौच के लिए जाना पड़ता है। आदित्य ने बताया कि बिजली चली जाने से वह घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। रात किसी पशु के तेज गुर्राने की आवाज सुनाई दी। आंख खुली तो फुलवारी में तेंदुआ देख उसके होश उड़ गए।
बगैर आहट किए फुर्ती से वह घर के अंदर घुसा और किवाड़ बंद कर लिए। फोन कर आस-पास वालों को सचेत कर दिया। सुबह घर के आंगन और फुलवारी में तेंदुए के पगचिह्न दिखे। फार्म के मजदूरों ने बताया करीब एक सप्ताह पहले डेयरी गेट पर ड्यूटी कर रहे गार्ड ने तेंदुआ देख गेट बंद कर लिया था। इसके बाद कालोनी के पास बाउंड्रीवाल पर तेंदुआ बैठा दिखा था। फॉर्म मैनेजर जितेंद्र कुमार ने बताया कि मैंने कई बार डीएफओ व सीडीओ को लिखित रूप से अवगत कराया है। शारदानगर रेंजर टीम के साथ आए थे। वन विभाग से अब तक आश्वासन ही मिला है।
बरसात न होने की वजह से तेंदुआ पानी की तलाश में इधर-उधर भटक रहा है। बरसात होने पर पोखरों में पानी मिलने से वह खुद ही वापस चला जाएगा। कॉलोनी में रहने वाले लोग सतर्क रहें। अकेले जंगल की तरफ न जाएं।
अभय कुमार मल्ल, रेंजर शारदानगर