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47 दिन बाद खुली कचहरी.. पहले दिन नहीं हुआ काम

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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन की घोषणा के बाद बंद हुई कचहरी आखिरकार 47 दिन बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को खोल दी गई। तमाम पाबंदियों के बीच वकील, कोर्ट कर्मचारी और कचहरी से जुड़े लोग कोर्ट खुलने से काफी उत्साहित दिखे। मगर लॉकडाउन के दौरान दिवंगत हुए छह वकीलों के निधन पर सुुबह ही शोक प्रस्ताव आ गया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखते हुए साथी वकीलों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया।
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थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिला प्रवेश
जिला जज शिवशंकर प्रसाद, एडीजे शाम कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, सीजेएम सीमा सिंह व अन्य न्यायिक अधिकारियों संग सीओ विजय आनंद और पुलिस टीम के साथ कचहरी मेन गेट का औचक निरीक्षण किया, मेटल डिटेक्टर के साथ ही थर्मल स्क्रीनिंग करने और बिना मास्क किसी को भी प्रवेश न देने के लिए निर्देशित किया।
बोले अध्यक्ष-सतर्कता ही बचाव
कोविड 19 के खतरे को कमतर नही आंका जा सकता, थोड़ी सी असावधानी भी खतरे का संकेत हो सकती है, इसलिए सतर्कता ही बचाव है, जागरूकता चक्र चलते रहना चाहिए
- घनश्याम अग्निहोत्री, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ
हमेशा याद रहेंगे दिवंगत साथी
लॉकडाउन के दौरान दिवंगत छह साथियों के निधन से अधिवक्ता समाज को अपूरणीय क्षति हुई है, वह काफी व्यथित है, कोर्ट खुलने का फैसला अच्छा है, मगर सतर्कता के साथ।
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- शशांक यादव, एमएलसी और वरिष्ठ अधिवक्ता
मानकर चलें कि सामने है कोरोना
जिस तरह भयावह नतीजे है इसके मद्देनजर जरूरी है यह मानकर चलें कि सामने वाले व्यक्ति को कोरोना है, लिहाजा उचित सतर्कता बरतने से ही बचाव संभव है।
- विजय प्रताप सिंह, महामंत्री जिला अधिवक्ता संघ
मदद के नाम पर जिम्मेदारों ने किया निराश
लॉकडाउन के दौरान जो जूनियर वकील और कचहरी पर ही आश्रित जरूरतमंद वकीलों की सहायता के मुद्दे पर सियासत हो रही है वह अधिवक्ता समुदाय के लिए निराशाजनक है। प्रत्येक वकील वकालतनामा के साथ ऐसी आपात स्थितियों के लिए ही दस रुपये का कूपन लगाता है।
-शैलेंद्र सिंह गौड़ वरिष्ठ अधिवक्ता/पूर्व एडीजीसी
वादकारी लौटे निराश
कचहरी में मिल गई तारीख
मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम कुकरा की रहने वाली सीमा शुक्रवार को कचहरी पेशी पर आई थी, लेकिन सामान्य मामलों के बजाय केवल अर्जेंट केस की सुनवाई होने कारण उसे अगली तारीख दे दी गई।
खाली हाथ लौटना पड़ा
मुहल्ला गंगोत्री कॉलोनी निवासी रामकुमार बताते हैं कि कचहरी खुलने की जानकारी मिलने पर कोर्ट आए थे लेकिन यहां वकीलों के शोक प्रस्ताव की जानकारी मिलने के बाद लौट गए।
माननीयों के मामले भी अनसुने रहे
लखीमपुर खीरी जनप्रतिनिधियों पर लंबित मुकदमों में भी शुक्रवार को वकीलों के शोक प्रस्ताव के चलते सुनवाई नही हो सकी। हालांकि हाईकोर्ट ने केवल जमानत प्रार्थना पत्र और अर्जेंट मामलों की त्वरित सुनवाई को लेकर ही अदालतें खुलने का आदेश दिया है, जिसके चलते सामान्य लंबित मुकदमों मे सुनवाई के बजाय सभी मामलों में अगली सामान्य तिथि दे दी गई। एडीजे थर्ड पीके सिंह की अदालत में लंबित सांसद रेखा वर्मा, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, भाजपा विधायक अरविंद गिरि, एमएलसी शशांक यादव पूर्व एमएलए सुनील लाला, विनय तिवारी, राजेश गौतम, दाउद अहमद आदि नेताओं के मामले की सामान्य तिथि 18 मई देते हुए उनके मुकदमों की फाइल भी अनसुनी रह गई।
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