'पहले बसाए फिर घर गिराए प्रशासन'
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह अपनी टीम के साथ बृजेश सिंह के बचाव में धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि पहले कटान पीड़ित किसान को बसाने की व्यवस्था करें, बाद में घर गिराने की कार्रवाई की जाए। एसडीएम शशिकांत मणि ने कानून का हवाला देकर उन्हें समझाते हुए आवास और आवासीय पट्टा देने का भरोसा दिलाया।
शिवशंकर सेठ के पुत्र विकास सेठ ने बताया कि उन्होंने जो जमीन खरीदी थी, उस पर बृजेश सिंह ने अबैध कब्जा किया हुआ है, सिविल कोर्ट और हाईकोर्ट से भी वह मुकदमा जीते हैं। बेदखली का आदेश है, प्रशासन जब भी कब्जा दिलाने जाता है तो लोग मारपीट पर अमादा हो जाते हैं। इससे पहले कोर्ट कमीशन टीम पर भी हमला किया था। उन्हें कोर्ट और प्रशासन पर पूरा भरोसा है, न्याय मिलेगा।
एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है, विरोध के चलते कार्य नहीं हो पा रहा था। अभी कार्रवाई चल रही है। अदालत के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।