लखीमपुर खीरी। पहले बदायूं और अब बरेली, जर्जर और अधूरे पड़े पुलों को चलते बीते दस दिन में दो बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी लखीमपुर प्रशासन नहीं चेत रहा है। प्रशासन अब तक ये भी चिह्नित नहीं कर पाया है कि कहां क्या काम कराना है। ये लापरवाही कब लोगों के लिए जानलेवा बन जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।
जिले में वैसे तो जर्जर सड़कों और पुल-पुलिया की लंबी फेहरिस्त है। लेकिन, दर्जन भर ऐसे स्थान हैं, जहां हादसों का डर है। फूलबेहड़ इलाके के बड़ागांव बसहा के पास काफी समय से जर्जर पुल, धौरहरा और सुजईकुंडा के बीच 27 वर्षों से अधूरा पड़ा पुल, कस्ता-सीतापुर मार्ग से पचदेवरा जाने वाले लिंक मार्ग पर लखीमपुर सीतापुर रजवाह की टूटी पुलिया, मितौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत चपरदहा के गांव जवाहरपुर में दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली सरायन नदी पर बनी पुलिया हादसों का सबब बन सकती है।
स्कूली बच्चों को इन पुल-पुलियों से जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। मझगईं क्षेत्र के छेदुई गांव से सिसवारा मार्ग पर टूटी पुलिया को किसी तरह ग्रामीणों ने मिट्टी डालकर रास्ता बनाया, पर मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। मुन्नापुरवा से दौलतपुरा जाने वाले मार्ग पर रपटा पुलिया बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई थी। यहां पर कई बार ग्रामीणों के साथ दुर्घटना हो चुकी है, पर प्रशासन ने आज तक इसकी सुध नहीं ली है।
तिकुनिया की ग्राम पंचायत निबौरिया में उच्च प्राथमिक विद्यालय से नरिया नाला खड़ंजा मार्ग पर बनी पुलिया, अगस्त में बाढ़ में ढह गई थी, इसे भी नहीं बनवाया गया है।
आठ दिन में भी नहीं तैयार हो पाई रिपोर्ट
बरेली के फरीदपुर में 24 नवंबर की देर रात अधूरे पुल से कार नदी में गिर जाने से तीन लोगों की मौत हो जाने के बाद खीरी जिले में भी जर्जर पुल-पुलिया का मामला उठा था। इसको लेकर सीडीओ अभिषेक कुमार ने बीती 27 नवंबर को संबंधित विभागोंं से रिपोर्ट मांगकर एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए थे। इस बात को आठ दिन का समय बीत गया है, पर अब भी जर्जर पुल-पुलिया को लेकर क्या करना है, ये स्पष्ट नहीं हुआ है।
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बोले सीडीओ- मांगी गई है रिपोर्ट
सीडीओ अभिषेक कुमार का कहना है कि फूलबेहड़ के बहसा में क्षतिग्रस्त पुल पर मिट्टी डालकर उसे चलने लायक बना दिया गया है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, नहर विभाग, सेतु निगम सहित अन्य संबंधित विभागों के अफसरों से क्षतिग्रस्त पुल, पुलिया, सड़क आदि के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। मौजूदा समय में जो पुल निर्माणाधीन हैं, उनको जल्द से जल्द पूरा कराने और संकेतक लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार समीक्षा भी की जा रही है। लोक निर्माण विभाग खंड के एक अधिशासी अभियंता केके जैन का कहना है कि सर्वे कराया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट भी बनेगी। जो पुल-पुलिया मरम्मत या दोबारा बनने के लायक हैं, उनको दिखवाया जा रहा है। एस्टीमेट बनाकर शासन-प्रशासन को भेजा जाएगा।