लखीमपुर खीरी। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग रोकने के लिए कृषि विभाग ने शुक्रवार को जिलेभर में सघन छापेमारी अभियान चलाया। संयुक्त टीमों ने थोक, फुटकर उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी संस्थाओं के विक्रय केंद्रों की जांच की। कार्रवाई के दौरान दो विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए।
जिले की विभिन्न तहसीलों में 41 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता जांच के लिए आठ उर्वरक नमूने लिए गए। अनियमितता मिलने पर नौ विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए या उनकी बिक्री पर रोक लगाई गई।
जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 समेत संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर बिक्री, स्टॉक और बिक्री अभिलेख अद्यतन रखने तथा पीओएस मशीन से ही बिक्री करने के निर्देश दिए। किसानों से भी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदने और खरीद की रसीद लेने की अपील की गई।