लखीमपुर खीरी। शहर के अस्पताल रोड स्थित सिनेमाघर मालिक के तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर रूम हीटर के फटने के बाद हुए शार्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे घर में अफरातफरी मच गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह जान बचाई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत कर आग बुझाई। इस अग्निकांड में घर में रखा काफी सामान जलकर राख हो गया।
सदर चौराहा से कुछ पहले जिला अस्पताल रोड पर सिनेमाघर मालिक पुरुषोत्तम गुप्ता का तीन मंजिला मकान है। उनके लखीमपुर में दो सिनेमाघर आनंद और बसंत हैं। उनका निधन हो चुका है और उनका बेटा सिद्धार्थ उनका काम संभालता है। शनिवार सुबह परिवार के सभी लोग सो रहे थे। सुबह करीब छह बजे घर की दूसरी मंजिल के कमरे में रूम हीटर फटने से शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। कमरे में वृद्ध मां थीं और तीसरी मंजिल पर परिवार के अन्य लोग। आग की लपटों ने घर में रखी कई चीजों को अपनी चपेट में ले लिया। जब कमरे में धुआं भरने लगा तो सो रहे लोगों की नींद भी खुल गई। धुएं का गुबार और लपटों को देख घर में चीखपुकार मच गई। परिवार के लोग शोर शराबा करते हुए किसी तरह से मकान के बाहर आए, वृद्ध मां को भी सकुशल बाहर निकाला। घटना की सूचना सदर कोतवाली पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। हादसे के बाद तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। प्रभारी निरीक्षक सदर सुनील कुमार सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसी बीच मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां ने जब तक आग पर काबू पाया तब तक घर में रखे कपड़े, फर्नीचर समेत काफी सामान जलकर राख हो गया।
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कमरे में थीं बुजुर्ग मां
शहर के सिनेमा व्यवसायी पुरुषोत्तम गुप्ता की मौत हो चुकी है। उनकी बुजुर्ग पत्नी ऊषा रानी (60) दूसरी मंजिल पर बने कमरे में थीं, जबकि उनका पुत्र सिद्धार्थ पत्नी और तीन बच्चों के साथ तीसरी मंजिल थे। जिस वक्त आग लगी। उस समय ऊषा देवी कमरे में ही लेटी हुईं थीं, उन्हें परिवार वालों ने आननफानन में बाहर निकाला। परिवार वालों के मुताबिक अग्निकांड में काफी सामान जलकर नष्ट हुआ है।
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हादसा याद कर कांप उठते हैं परिवार के लोग
अग्निपीड़ित का परिवार हादसे से काफी डरा सहमा है। परिवार के लोग दूसरी मंजिल पर हुए हादसे का मंजर याद कर कांप उठते हैं। धुएं का गुबार और आग की लपटें उनकी आंखों में घूमने लगती है। इतना ही नहीं आसपास के लोग भी दहशत में रहे। गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड सही समय पर मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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गली में होता मकान तो हो सकता था बड़ा हादसा
जिला अस्पताल मार्ग काफी चौड़ा है। खपरैल बाजार, सब्जी मंडी, किराना मार्केट आदि में काफी घनी दुकानें और बस्ती है। इन स्थानों पर जाने के लिए काफी कम चौड़े रास्ते हैं। इससे अधिकतर जगहों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं। दो साल पहले सब्जी मंडी में एक मकान में सिलिंडर से गैर रिसाव होने से आग भड़क उठी थी। फायर ब्रिगेड जब तक तक मौके पर पहुंचाती। इससे पहले ही तेज धमाके से बिल्डिंग धराशाई हो गई थी। इस अग्निकांड में कई लोग झुलस गए थे। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन घनी आबादी वाले रास्तों से अतिक्रमण नहीं हटवा सका।
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ये है जरूरी
- घर के टूटे हुए प्लगों-स्विचों को बदलें।
- गर्म और गीली सतहों पर बिजली के तारों को न पड़ने दें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के तारों को कुछ अंतराल पर चेक करते रहें।
- आईएसआई सर्टिफाइड उपकरण ही इस्तेमाल करें।
- अच्छी क्वालिटी के फ्यूज को ही घर में लगाएं।
- जिस जगह आग लगी हो, वहां इलेक्ट्रिक सप्लाई स्विच ऑफ कर दें।
- घर से बाहर जा रहे हैं तो मेन स्विच ऑफ करना न भूलें।
- इलेक्ट्रिक आउटलेट्स को उतने ही लोड के हिसाब से फिट कराएं, जितनी जरूरत हो। अगर आउटलेट्स ओवरलोडेड होंगे तो आग का खतरा बढ़ जाएगा।
- एक सॉकेट में एक ही उपकरण जोड़ें।
- कागज, कपड़े, जलने वाले तरल को हीटर, स्टोव और खुले चूल्हों से दूर रखें।
- गैस बर्नर को हमेशा किसी प्लेटफॉर्म पर रखें, नीचे फर्श पर नहीं।
- जलती हुई मोमबत्ती को कभी न छोड़ें।
- यह सुनिश्चित कर लें कि सिगरेट पूरी तरह से बुझा दी गई है और ध्यान से बाहर फेंकी गई है।
- बिस्तर में धूम्रपान कभी न करें।
- माचिस और लाइटर को बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
- कपड़ों को गरमी देने वाले उपकरणों से दूर रखें।
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आग लगने पर यह बरतें सावधानी
- अपने घर में मौजूद हर व्यक्ति को सावधान कर दें। देर न करें और सभी को बाहर निकालें।
- जहां पर हवा साफ ना हो ‘नीचे झुक कर चलें’।
- कीमती सामान को ढूंढने और बचाने में समय न गंवाएं।
- नाक और मुंह पर गीला कपड़े का उपयोग करें क्योंकि धुएं से सांस लेने में समस्या पैदा हो सकती है
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वर्जन.....
तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गईं थी। काफी कोशिश के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। घरेलू और इलेक्ट्रानिक सामान आदि की क्षति हुई है। आग लगने के कारणों की अभी जांच की जा रही है।
-मुकीमुल हक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी