जिला अस्पताल में शनिवार को चार हुए डिस्चार्ज और चार ही हुए भर्ती
हाईकोर्ट से लेकर सूबे के मुखिया तक इंसेफेलाइटिस को लेकर गंभीर हैं लेकिन इसके बावजूद जिले के अधिकारी इसकी रोकथाम को लेकर संजीदा नहीं हैं। जिससे रोजाना चार, पांच बच्चे इसकी चपेट में आकर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। शनिवार को भी बुखार से पीड़ित चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती चार बच्चों को इंसेफेलाइटिस के चलते आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कराया गया है। जबकि आईसीयू वार्ड में भर्ती एक 15 माह के बच्चे की मौत हो गई।
शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे बुखार पीड़ित तीन वर्षीय रक्षपाल पुत्र राजीव निवासी गनेशनगर, तीन वर्षीय जूली पुत्री राजेश कुमार निवासी गनेशनगर, दस वर्षीय शिवानी पुत्री जगदीश निवासी लहरपुर और नौ वर्षीय मोहनिश पुत्र अली अहमद निवासी खुटार, सात वर्षीय जीतू पुत्र धर्मपाल निवासी फरधान व दस माह की अंशु पुत्री लल्लू प्रसाद निवासी खीरी को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती किया गया था। इसमें से जूली, रक्षपाल, शिवानी व मोहनिश को एईएस के चलते आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं आईसीयू वार्ड में बाबूराम सर्राफ नगर निवासी टिंकू के 15 माह के पुत्र अमित की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को चार और बच्चों के भर्ती होने से आईसीयू वार्ड दोबारा फुल हो गया।
गंभीर हालत में एईएस प्रभावित एक बच्चे को आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसकी शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
डॉ. राजेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ
बुखार से दो बच्चों की मौत, चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती
बुखार पीड़ित डेढ़ वर्षीय सौरभ पुत्र युवराज निवासी गौरिया टांडा और राममूर्ति की दस साल की पुत्री दीपा की इलाज के दौरान शुक्रवार की रात में मौत हो गई। जबकि चार बच्चों की हालत में सुधार हो जाने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं बुखार और एनीमिया पीड़ित बच्चे का इलाज चल रहा है।