निघासन। तिकुनिया हिंसा कांड प्रकरण में गवाह रहे एक व्यक्ति को कथित तौर पर रात में उठाकर हवालात में रखने के आरोपों से निघासन पुलिस एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पीड़ित का आरोप है कि इस कार्रवाई से वह मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित हुआ कि उसने गवाही देने से पीछे हटने का निर्णय ले लिया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के साथ ही न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है।
पीड़ित दलविंदर सिंह निवासी सहतेपुरवा का कहना है कि वन्य जीव अधिनियम के तहत दर्ज एक मुकदमे में वांछित बताए गए व्यक्ति के नाम में भ्रम के चलते पुलिस ने उससे देर रात पूछताछ की। आरोप है कि वारंटी अभियान के दौरान पुलिस उसे कोतवाली लाई और पूछताछ की। दलविंदर सिंह ने बताया कि उसने पुलिस को अपना आधार कार्ड समेत अन्य वैध दस्तावेज दिखाए, जिससे स्पष्ट हो गया कि वह वांछित व्यक्ति नहीं है। इसके बाद पुलिस टीम मौके से लौट गई लेकिन इस पूरी कार्रवाई से वह मानसिक रूप से आहत हो गया।
इस मामले में कोतवाली प्रभारी महेशचंद्र ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि 10-11 जनवरी को विशेष वारंटी अभियान के तहत दलविंदर सिंह से केवल पूछताछ की गई थी। वैध शिनाख्त होने के बाद पुलिस टीम तत्काल लौट आई।