धौरहरा। गांव परौरी स्थित जिला सहकारी बैंक शाखा में शाखा प्रबंधक पर मृतक आश्रित खातेदार से रुपये निकालने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। मौके पर पहुंची यूपी-112 पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए।
परौरी गांव के समीपवर्ती गांव निवासी किसान अमित निगम ने बताया कि उसके पिता उत्तम निगम का खाता जिला सहकारी बैंक शाखा परौरी में था। पिता की 20 अक्तूबर 2025 को मृत्यु हो गई थी। खाते में गन्ना भुगतान सहित करीब 95 हजार रुपये जमा थे। आरोप है कि जब वह अपनी मां लक्ष्मी देवी के साथ बैंक पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने पहले आवश्यक कागजात मांगे। सभी दस्तावेज जमा करने के बाद प्रबंधक और एक निजी कर्मचारी ने पहले 10 हजार और बाद में भुगतान के समय 25 हजार रुपये देने की मांग की।
पीड़ित के अनुसार, बुधवार को वह अपनी मां के साथ भुगतान लेने बैंक पहुंचा। इस दौरान पहले 60 हजार रुपये का निकासी फार्म भरवाया गया, लेकिन जब उसने पूरा भुगतान एक साथ देने की बात कही तो पर्ची निरस्त कर 90 हजार रुपये का नया निकासी फार्म भरकर भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि घर लौटने के बाद शाखा प्रबंधक ने फोन कर रुपये मांगे और न देने पर गाली-गलौज करते हुए दोबारा शाखा पर बुलाया।
घटना से आक्रोशित पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची यूपी-112 टीम ने मौके पर पहुंचकर शाखा प्रबंधक व किसान के बयान दर्ज किए।
वर्जन-
कोई रिश्वत नहीं मांगी गई है, मृतक आश्रित खातेदार अनावश्यक दबाव बना रहा है।
-प्रदीप गौतम, शाखा प्रबंधक
वर्जन-
मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
-विनीत मनार, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक