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Lakhimpur Kheri: शांतिभंग के आरोपी युवक की पुलिस अभिरक्षा में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

Sun, 26 Jul 2026 10:34 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी जिले में शांतिभंग के आरोपी शिवकुमार (26 वर्ष) की रविवार को न्यायालय में पेश करने से पहले पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का दावा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका चालान किया गया था और न्यायालय ले जाते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी थी। परिजनों का आरोप है कि थाने पर तैनात एक सिपाही ने समझौते के नाम पर उससे 25 हजार रुपये की मांग की थी। 

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थाना शारदानगर के मूलचंद्र पुरवा निवासी हरगोविंद ने बताया कि शनिवार सुबह उनका भाई शिवकुमार टहलने गया था। इस दौरान गांव के ही आदित्य से साइकिल की टक्कर को लेकर मामूली कहासुनी हो गई थी। इसके बाद दूसरे पक्ष ने थाने में शिवकुमार के खिलाफ शिकायत दी और पुलिस ने रविवार को दोनों पक्षों को शारदानगर थाने बुला लिया। पुलिस ने शांति भंग (धारा 151) में चालान कर उसे होमगार्ड के साथ लखीमपुर रवाना किया। 

मुंह से निकलने लगे थे झाग 
रास्ते में अचानक शिवकुमार की हालत बिगड़ गई और मुंह से झाग निकलने लगा। होमगार्ड की सूचना पर पुलिस उसे जिला अस्पताल लाई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. अरविंद ने बताया कि युवक अस्पताल पहुंचते समय अचेतावस्था और गैसपिंग (सांस उखड़ने) की समस्या से ग्रस्त था। उसकी पल्स भी काम नहीं कर रही थी।
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पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि मृतक शिवकुमार के किसी लड़की से बातचीत करने को लेकर शिकायत आई थी। दोनों पक्षों के लोग थाने आए थे, जिसके बाद नियमानुसार युवक का चालान किया गया था। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ गई। इससे उसकी मौत हो गई। शव का पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। 

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होमगार्ड पर सड़क पर छोड़कर भागने का आरोप
परिजनों का कहना है कि थाने पर तैनात होमगार्ड सफीक उसे लेकर जिला मुख्यालय आ रहा था। अगर उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ तो आखिरकार वह उसे रास्ते में ही छोड़कर क्यों भाग गया। एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि पुलिस पर रुपये मांगने वाला आरोप पूरी तरह निराधार है।

होमगार्ड के साथ भेजना पड़ा महंगा
शारदानगर पुलिस ने चालान काटने के बाद शिवकुमार को एक होमगार्ड के सहारे जिला मुख्यालय भेज दिया। नियम के अनुसार किसी भी चालानी कार्रवाई के दौरान एक सिपाही का होना जरूरी है लेकिन शारदानगर पुलिस ने यही लापरवाही बरती। माना जा रहा है कि होमगार्ड कोई चकमा देकर किसी समय शिवकुमार ने जहरीले पदार्थ सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि मुंह से झाग निकलते देख कर घबराया होमगार्ड मौके से फरार हो गया।
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