ब्लॉक के 66 ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि के विकास कार्यों पर लगा ग्रहण
सीडीओ ने कहा लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
ग्राम निधि से कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा ऑनलाइन प्रिया साफ्टवेयर पर फीडिंग न कराने के चलते ग्राम निधि के खातों के संचालन पर लगी रोक से सैकड़ों गांवों में विकास कार्य ठप हैं। सेक्रेटरी की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जबकि 66 ग्राम पंचायतों के ग्राम निधि खातों में करीब छह करोड़ रुपया पड़ा है। दो माह के अंदर मात्र छह ग्राम पंचायतों के ब्योरे की फीडिंग ही हो पाई है। सीडीओ ने इस मामले में जिम्मेदार पंचायत सेक्रेटरी को चिन्हित कर कार्रवाई करने की बात कही है।
नेपाल बार्डर स्थित ब्लॉक में 66 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में चौथे वित्त और राज्य वित्त से विकास कार्य कराए गए हैं। इन विकास कार्यों की फीडिंग प्रत्येक माह में होनी चाहिए, लेकिन लापरवाही के चलते फीडिंग नहीं कराई गई। इसके चलते शासन ने ऐसी ग्राम पंचायतों के खातों पर रोक लगा रखी है। दो माह बीत जाने के बाद सिर्फ छह ग्राम पंचायतों की फीडिंग हो पाई है। जबकि 60 ग्राम पंचायतों के ब्योरे की फीडिंग होना शेष है। जब तक विकास कार्यों पर हुए खर्च का ब्योरा ऑनलाइन फीड नहीं हो जाता, तब तक खातों के संचालन पर रोक प्रभावी रहेगी।
बरसात में कैसे होंगे विकास कार्य
जून माह के अंत में बरसात चालू हो जाएगी। ऐसे में बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य नहीं कराए जा सकेंगे। बौधिया, छेदुई पतिया, मुर्गहा आदि गांवों में बरसात का पानी भरने से ग्रामीण परेशान रहते हैं।
लोहिया ग्रामों की भी नहीं हुई फीडिंग
सपा सरकार में समग्र लोहिया ग्राम पंचायतों में विकास कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। उन ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर ग्राम निधि से जो धनराशि खर्च हुई थी। उसका भी अभी तक कोई विवरण फीड नहीं हो सका है।
राज्य और केंद्र को जा रहा है ब्योरा
पिछले कुछ सालों से ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्यों का ब्योरा सीधे केंद्र सरकार के प्रिया साफ्टवेयर पर आनलाइन फीड कराया जा रहा है, जिससे कोई भी ग्राम पंचायतों में हुए कार्य और उस पर खर्च की जानकारी हासिल कर सके। प्रिया साफ्टवेयर और एक्शन साफ्टवेयर पर फीडिंग कराई जा रही है।
ब्लाक की छह ग्राम पंचायतों की फीडिंग हो चुकी है। शेष 18 ग्राम पंचायतों की फीडिंग भी दो दिनों के अंदर पूर्ण हो जाएगी। शेष ग्रामों का भी ब्योरा फीड कराया जा रहा है।
आकाश अवस्थी, एडीओ (पंचायत)
शिकायतें मिली हैं, जो कई सेक्रेटरी डाटा फीडिंग कराने में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे सेक्रेटरियों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक माह का बयोरा प्रतिदिन ऑनलाइन फीडिंग कराने के आदेेश हैं।
अमित सिंह बंसल, सीडीओ