मैगलगंज। अगर आप लखीमपुर से सीतापुर जाने के लिए मैगलगंज बाइपास का रास्ता पकड़ते हैं, तो सावधान रहिए। यह रास्ता आपके लिए सुविधाजनक नहीं, बल्कि मौत का सफर साबित हो सकता है। इस बाइपास पर सीतापुर की ओर चढ़ने और उतरने के लिए अब तक कोई सर्विस लेन ही नहीं बनाई गई है।
इस लापरवाही का नतीजा यह है कि यात्रियों और वाहन चालकों को मजबूरी में लगभग आधा किलोमीटर तक उल्टी दिशा में चलना पड़ता है। यह उल्टा रास्ता कई लोगों की जिंदगी छीन चुका है। रात में तो खतरा और भी बढ़ जाता है। लखीमपुर, पुवायां, मोहम्मदी, पीलीभीत से आने वाले ट्रक या कार चालक ज़ब सीतापुर की ओर मुड़ते है, तो आगे उनको कोई रास्ता ही नहीं दिखाई पड़ता है, जिससे चालक अपनी गाड़ी को फिर से वापस लाकर मजबूरन उल्टी दिशा में चलना पड़ता है। पिछले एक साल में ही तीन से चार लोगों की जान इस बाइपास पर चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ चुके हैं।
स्थानीय लोगों का उनका कहना है कि सड़क सुरक्षा के नाम पर करोड़ों का बजट खर्च करने वाली नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारियों की लापरवाही यहां साफ दिखाई देती है। आए दिन हादसे होने के बावजूद अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीण बोले, एनएचएआई क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
यह हुए कुछ हादसे
- 07 अप्रैल 2024 को मैगलगंज क्षेत्र मूड़ा बसही गांव निवासी विनीत मिश्रा किसी कार्य के लिए लिधियाई मोड़ आ रहे थे। सर्विस रोड न होने से बाइक को उल्टा साइड में होने से अज्ञात वाहन की टक्कर से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
-28 मई 2024 को संडीला निवासी बोदालाल गुप्ता मोहम्मदी क्षेत्र से पिकअप पर भैंस लेकर जा रहे थे उल्टे साइड में चलने के कारण ट्रक और पिकअप की आमने सामने टक्कर से बोदा लाल की मौके पर ही मौत हो गई थी।
-सीतापुर के पकरिया गांव निवासी राहुल अपनी बुलेट बाइक से कहीं जा रहा था तभी बुलेट व कार की टक्कर से राहुल का पैर टूट गया व उसके साथ अन्य सवार लोग घायल हो गए थे।
वर्जन
सर्विस लेन के लिए वहां पर मौजूद ग्रामीणों के खेतों का मुआवजा संबंधित कुछ कार्य बाकी रह गया था, तभी सर्विस लेन नहीं बन पाया। संभवतः अगले वर्ष से इसका कार्य शुरू हो जायेगा।
अखंड प्रताप, एरिया इंचार्ज एनएचएआई