निघासन-ढखेरवा (लखीमपुर खीरी)। ढखेरवा से सीतापुर बरात में शामिल होने जा रहे तीन युवकों की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा गया, जबकि तीन युवक लखनऊ के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई से जूझ रहे है। तीन मौतों से पूरे गांव में बुधवार को मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। साथ ही किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला।
ढखेरवा गांव निवासी प्रधान राकेश वर्मा ने बताया कि लखाही के मजरा मनसुख पुरवा निवासी गयाप्रसाद के पुत्र जयशंकर प्रसाद का मंगलवार शाम सीतापुर में विवाह था। देर शाम उनके भाई श्यामू वर्मा का बेटा सौरभ वर्मा अपनी कार से बरात में जा रहा था। उनके साथ दिलीप, सुमेश, सुकेश के अलावा सचिन और मुजीब भी थे। सभी लोग सीतापुर के हरगांव के पास पहुंचे थे तभी अचानक सामने से आ रही गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश में कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। कार खाई में गिरने से उसमें सवार दिलीप, सुकेश और सुमेश की मौके पर मौत हो गई जबकि सौरभ, सचिन और मुजीब गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में तीनों को लखनऊ में भर्ती कराया गया। दिलीप के पिता लक्षमीनरायण की मौत कई साल पहले हो चुकी है। उनके भाई दीपक और मां रामबेटी ने उसको पालपोस कर बड़ा किया। सुमेश के पिता सियाराम ने बताया कि वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था।
--
तीनों मृतकों के है दो-दो बच्चे
सड़क हादसे में मौत के गाल में समाए दिलीप, सुकेश और सुमेेश के दो-दो बच्चे हैं। तीनों की मौत से बच्चे अनाथ हो गए है। दिलीप की पत्नी प्रियंका, सुकेश की पत्नी सावित्री और सुमेश की पत्नी लक्ष्मी का रोरोकर बुरा हाल था।
--
सभी में थी गहरी मित्रता
मृतक दिलीप, सुकेश, सुमेश के अलावा सौरभ, सचिन और मुजीब में गहरी मित्रता थी। वे लोग अधिकतर साथ में रहते थे। संवाद