अब खाद का कारोबार के इच्छुक आवेदकों के लिए शैक्षिक योग्यता अनिवार्य कर दी गई है। इससे पूर्व खाद कारोबारियों के लिए शैक्षिक योग्यता के मानक निर्धारित नहीं थे। हालांकि पहले से प्राइवेट तौर पर खाद कारोबार कर रहे लाइसेंसधारकों को इससे राहत दी गई है। वहीं पंजीकृत कृषि सहकारी संस्थाओं और राज्य विपणन एजेंसियों को भी नए शासनादेश की शर्तों से बाहर रखा गया है, लेकिन अर्हता रखने वाले किसी व्यक्ति को नियोजित करने के निर्देश दिए गए हैैं।
कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय (कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग) नई दिल्ली ने उर्वरक नियंत्रण चौथा संशोधन आदेश जारी किया है, जिसमें अब नए लाइसेेंस के आवेदकों की शैैक्षिक योग्यता निर्धारित की गई है। जिला कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि उर्वरक लाइसेंस के आवेदक के लिए शैैक्षिक योग्यता को चार वैैरायटियों में विभाजित किया गया है। पहले आप्शन में आवेदक को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि विज्ञान में स्नातक योग्यता रखी गई हैै। इसी तरह रसायन विज्ञान में स्नातक, कृषि विज्ञान में डिप्लोमा और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान/राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य संस्थान से न्यूनतम छह माह की अवधि का कृषि इनपुट में प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। कृषि अधिकारी ने बताया कि पहले से कार्य कर रहे लाइसेंसधारकों का नवीनीकरण पहले की तरह होता रहेगा, लेकिन अब नए आवेदकों के लिए शैक्षिक योग्यता की शर्त को अनिवार्य कर दिया गया है।