कलक्ट्रेट में सोमवार को आयोजित होने वाले उप्र राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के ऐलान पर विभागीय अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। डीपीओ अखिलेंद्र दुबे ने कहा कि अगर कार्यकत्रियों ने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया और केंद्र बंद पाया गया तो उनके एक माह का वेतन काट दिया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने धरना-प्रदर्शन में ब्लाकों और जिला मुख्यालयों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि अप्रैल माह में वार्ता के दौरान शासन स्तर पर अधिकारियों ने कई आश्वासन दिए थे, जिसमें कर्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने, हाटकुक्ड योजना को एनजीओ से मुक्त कर कार्यकत्रियों द्वारा संचालित कराने एवं अन्य मांगों को दो माह में पूरा करने को कहा गया था उप्र में इस तरह की कोई घोषणा नहीं की गई है। जिससे उनमें प्रदेश सरकार के प्रति असंतोष की भावना है। संगठन ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी क्रम में सोमवार को कलक्ट्रेट में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस बाबत संगठन ने विभाग को नोटिस भी दी है। जिसे लेकर बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेंद्र दुबे ने कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए जाने पर कार्यकत्रियों का एक माह का वेतन काट दिया जाएगा।