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Lakhimpur Kheri News: इन्वर्टर की बैटरी से पंखा जोड़ते समय महिला की करंट से मौत, बचाने में पति की भी गई जान

Tue, 30 Jun 2026 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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सर्वजीत। फाइल फोटो
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भीरा (लखीमपुर खीरी)। जगदेवपुर में मंगलवार शाम करंट से दंपती की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घर में अकेले रह रहे शौकीन सिंह (56) और उनकी पत्नी सर्वजीत कौर (53) के शव कमरे में पंखे से चिपके मिले। हालांकि, हादसे के कारणों को लेकर परिजनों और पुलिस के दावों में विरोधाभास है। परिजनों का कहना है कि महिला इन्वर्टर की बैटरी से छोटे पंखे का तार जोड़ रही थी, तभी करंट उतरा और बचाने दौड़े पति भी करंट की चपेट में आ गए। वहीं, पुलिस का दावा है कि हादसा इंडक्शन चूल्हे पर दूध गर्म करने के दौरान हुआ।
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शौकीन सिंह की पुत्री राजवीर कौर ने दिल्ली से शाम करीब पांच बजे पिता को फोन किया। कई बार रिंग जाने के बाद भी जब कॉल रिसीव नहीं हुई, तो अनहोनी की आशंका में उन्होंने चाचा जसवीर सिंह को फोन किया। चाचा की बेटी हरेंदर कौर जब शौकीन सिंह के घर पहुंची, तो कमरे का नजारा देख उसकी चीख निकल गई। शौकीन सिंह और सर्वजीत कौर कमरे के अंदर मृत अवस्था में पंखे से चिपके पड़े थे। भतीजे सुखदेव सिंह के मुताबिक, इन्वर्टर की बैटरी से डीसी पंखे के तार जोड़ते समय ही दोनों को करंट लगा और वे मौके पर ही पंखे से चिपक गए। हालांकि, रसोई में इंडक्शन चूल्हे पर दूध का भगोना भी रखा मिला था। संवाद
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वहीं, पुलिस बोली- इंडक्शन से लगा करंट
करंट लगने से दंपती की मौत हुई। इसमें महिला इंडक्शन चूल्हे पर दूध गर्म कर रही थीं, तभी उन्हें करंट लगा और बचाने आए पति भी चपेट में आ गए। दिल्ली से बेटी के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -महक शर्मा, सीओ गोला
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दिल्ली से बेटी के आने का इंतजार, पोस्टमाॅर्टम और अंतिम संस्कार भी रुका
भीरा। क्षेत्र में करंट लगने से शौकीन सिंह और उनकी पत्नी सर्वजीत कौर की एक साथ हुई मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। जीवनभर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने वाला यह दंपती एक ही हादसे में दुनिया से विदा हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार, दंपती की इकलौती बेटी की शादी पिछले वर्ष दिसंबर में दिल्ली में हुई थी। बेटी की विदाई के बाद दोनों एक-दूसरे का सहारा बनकर घर में रहते थे। गांव वालों का कहना है कि दोनों शायद ही कभी एक-दूसरे से अलग दिखाई देते थे। सुबह की चाय से लेकर रात के भोजन तक, दोनों हर काम साथ करते थे।
हादसे के बाद परिवार ने दोनों के शवों का पोस्टमाॅर्टम भी तत्काल नहीं कराया। परिजनों का कहना है कि दिल्ली से बेटी के गांव पहुंचने के बाद ही पोस्टमाॅर्टम और अंतिम संस्कार की सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इस वजह से दोनों प्रक्रियाएं बेटी के आने तक रोक दी गई हैं।
अंतिम दर्शन के दौरान हर किसी की आंखें नम थीं। लोगों के मुंह से बस यही शब्द निकल रहे थे किजिन्होंने जीवनभर साथ निभाया, उन्हें मौत भी एक-दूसरे से जुदा नहीं कर सकी।

सर्वजीत। फाइल फोटो

सर्वजीत। फाइल फोटो

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