लखीमपुर खीरी के पलियाकलां कोतवाली क्षेत्र में ग्राम छेदिया पश्चिम निवासी 50 वर्षीय मुंशी को बाघ ने मार डाला। घटना से दुधवा से सटे गांवों में दहशत का माहौल है। मुंशी पुत्र शेमलाल शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अपने अन्य साथियों के साथ जंगल गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मुंशी जब वहां फूस काट रहे थे, तभी झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर पीछे से हमला कर दिया।
बाघ उन्हें दबोचकर गहरे जंगल की ओर खींचने लगा। साथी ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए बाघ का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन बाघ मुंशी को अपने दबोचे हुए ही घने जंगल की ओर बढ़कर ओझल हो गया। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद ग्रामीणों को मुंशी का क्षत-विक्षत शव जंगल के भीतर बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची।
जयनगर में भी कर चुका है हमला
कुछ दिन पहले जयनगर निवासी थारू जनजाति की एक महिला अपने साथियों के साथ जंगल किनारे बकरी चरा रही थी। इसी बीच जंगल से निकले बाघ ने महिला पर हमला बोला। महिला के साथ में बकरी चरा रही महिलाओं ने शोर गुल मचा कर उसको भगा दिया था। घायल अवस्था में महिला को परिवार वालों ने घर लाकर एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया था ।
देवीपुर में बच्चे को भी तेंदुए ने मार डाला था
21 जनवरी को पलिया इलाके के देवीपुर में एक तेंदुए ने आराध्यम नाम के बच्चे को मार डाला था। इसके अलावा संपूर्णानगर हजारा क्षेत्र में बाघ ने एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया था। इलाके में इन वन्यजीव के संघर्ष के किस्से आम हैं।
जंगली हाथी भी तोड़ रहे हैं कमर
खुशीपुर, घोला, मझगईं इलाके के गुलरा आदि समेत कई गांव इस समय जंगली हाथियों की समस्या से जूझ रहे हैं, ऐसा लग रहा है पूरा जंगल आबादी में उतर आया हो, हालांकि वन महकमे के पास इसका कोई तोड़ नहीं दिखाई दे रहा है।