मझगईं। क्षेत्र के बेला में बाघ ने एक सियार को मार डाला। बाघ को देखकर खेतों में काम करने वाले किसानों में भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ के बजाये तेंदुआ होने की बात कही है।
मझगईं के बेला कलां गांव के लोहरा वीरान में उस समय हड़कंप मच गया जब बुधवार की सुबह एक बाघ ने विजेंद्र के खेत में घूम रहे सियार पर हमला कर उसे मार गिराया। खेत में काम कर रहे किसान मान सिंह व अन्य लोगों की नजर जब उस पर पड़ी तो सभी शोर मचाते हुए सुरक्षित स्थान पर भागे। साथ ही मझगईं रेंज को मामले की सूचना दी।
सूचना पर रेंजर अंकित सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। गांव के करीब घटना होने से पूरे गांव में दहशत फैली हुई है। किसान खेतों की ओर जाने से कतराने लगे हैं। रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि मौका मुआयना किया गया है और जो पगचिन्ह मिले हैं वह बाघ के नहीं बल्कि तेंदुए के हैं। फिर भी लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।
बाघ की खोज में उड़ाया ड्रोन, पता नहीं चला
बांकेगंज। मैलानी और गोला रेंज सीमा स्थिति बरौंछा नाला क्षेत्र में सक्रिय बाघ 11 वें दिन भी वन विभाग की पकड़ से दूर है।
उसे पकड़ने के लिए गठित विशेषज्ञों की टीम में शामिल पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने मंगलवार रात फ्लाइट मोड पर ड्रोन कैमरा उड़ाया, लेकिन बाघ का पता नहीं चला। प्रभावित गांव हजरतपुर में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी में जुटी है। बावजूद इसके वन विभाग के हाथ खाली हैं। तीन महीने से बरौंछा नाला क्षेत्र में सक्रिय बाघ को पकड़ने के लिए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन वह कहीं नजर नहीं आ रहा। आबादी के पास बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। संवाद
तालाब में मगरमच्छ होने के बाद भी नहीं लगाया चेतावनी बोर्ड
मझगईं। क्षेत्र के बेला कलां के डिबरी तालाब में मगरमच्छ होने के बाद भी वन विभाग की तरफ से कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। इससे वहां से गुजरने वाले लोगों पर हर समय खतरा मंडरा रहा है।
बेला कलां में गांव के उत्तर प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित डिबरी तालाब में मौजूद मगरमच्छ कई कुत्तों, बकरियों को मौत के घाट उतार चुका है। ग्रामीण विश्राम ने बताया कि उसके कुत्ते के साथ ही गांव के अन्य ग्रामीणों के कुत्तों व बकरियों को मगरमच्छ अब तक निवाला बना चुका है। पास ही स्कूल होने के चलते बच्चों पर भी हर समय खतरा मंडराता रहता है, लेकिन अब तक वन विभाग ने इसको लेकर कोई कारगर कदम नहीं उठाया है। इस बारे में रेंजर अंकित सिंह ने बताया कि मौका मुआयना किया गया था और जल्द ही चेतावनी बोर्ड भी लगवाया जाएगा। संवाद
मझगईं के लोहरा वीरान में मिलेबाघ के पगचिन्ह। स्त्रोत ग्रामीण
मझगईं के लोहरा वीरान में मिलेबाघ के पगचिन्ह। स्त्रोत ग्रामीण