लखीमपुर खीरी। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय से अनुदानित आवासीय विद्यालयों में छात्राओं को दी जाने वाली सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए आज भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली से दो सदस्यीय टीम जिले में पहुंच रही है। टीम के आगमन की सूचना पर जिला प्रशासन व विद्यालय प्रबंधन तैयारियों में जुट गया।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली की टीम में रिसर्च ऑफिसर सुमित सक्सेना व रिसर्च ऑफिसर पारुल शर्मा हैं, जो पलिया के चंदनचौकी में स्थित आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करेंगे। विद्यालय में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल करेगी। साथ ही भारत सरकार की ओर से पांच वर्षों में दिए गए अनुदान का हिसाब-किताब भी देखेगी।
चंदनचौकी में उत्तर प्रदेश वनवासी सेवा संस्थान की ओर से एक आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को प्रवेश देकर आवासीय शिक्षा की सुविधा दी जाती है। विद्यालय के संचालन के लिए भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की ओर से एनजीओ को फंड मिल रहा है। फंड के खर्च की भौतिक जांच व ग्रांट की अगली किश्त देने को लेकर भारत सरकार ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली से रिपोर्ट मांगी है।
संस्थान की टीम देश के 14 प्रदेशों में जाकर निरीक्षण कर रही हैं, जो टीम बुधवार को लखीमपुर रहेगी। जनजाति विभाग के परियोजना अधिकारी यूके सिंह ने बताया कि दिल्ली से आने वाली टीम से वार्ता हुई है, जो मंगलवार की शाम लखीमपुर आ जाएगी। टीम सुबह आठ बजे चंदनचौकी के लिए रवाना हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम के साथ जिला समाज कल्याण विकास अधिकारी तेजस्वी मिश्रा भी रहेंगी।