रोपण के लिए आए पौधे नलकूप विभाग परिसर में इस हाल में पड़े मिले। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में 12 जुलाई को ''एक पेड़ मां के नाम'' अभियान के तहत एक दिन में रिकॉर्ड 92.08 लाख पौधे रोपने का दावा किया गया, लेकिन नलकूप विभाग को मिले पौधों में से करीब 150 से अधिक को एक सप्ताह बाद भी जमीन नसीब नहीं हुई।
रोपने के बजाय इन्हें उपखंड परिसर के मैदान और झाड़ियों में छोड़ दिया गया, जिससे अधिकांश पौधे खराब हो गए। पौधरोपण अभियान से एक दिन पहले नलकूप विभाग को रोपण के लिए 1300 पौधे मिले थे, जबकि कुछ पौधे विभाग ने अपने स्तर से भी मंगवाए थे। अधिकांश पौधे विभिन्न स्थानों पर रोपे गए, लेकिन करीब 150 से अधिक पौधे परिसर में ही पड़े रहे। अभियान वाले दिन रोपे जाने वाले इन पौधों की जिम्मेदारों ने एक सप्ताह तक सुध नहीं ली। जिन पौधों से धरती हरी-भरी होनी थी, वे रोपण के इंतजार में बर्बाद हो गए।
अधिशासी अभियंता अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सूचना मिलते ही पौधों का रोपण कराया जा रहा है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जिसकी भी लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।