पिलर्स का सीमांकन, मरम्मत और सर्वे के दौरान दी जाने वाली सुरक्षा पर हुई चर्चा
जून माह में लखीमपुर में होगी अगली बैठक
भारत-नेपाल सीमा के पिलर्स का सीमांकन और क्षतिग्रस्त पिलर्स की मरम्मत आदि के बिंदुओं को लेकर नेपाल के कंचनपुर में भारत और नेपाली अधिकारियों के बीच बैठक हुई। जिसमें सीमांकन के साथ ही सर्वे किए जाने की बात भी हुई। सर्वे के दौरान दी जाने वाली सुरक्षा पर भी दोनों देशों के बीच वार्ता हुई। इसमें नेपाल की तरफ से एपीएफ तथा भारत की तरफ से एसएसबी सर्वे टीम के साथ सर्वे के दौरान अपनी-अपनी सीमाओं में मौजूद रहेगी।
नेपाल के कंचनपुर में आयोजित बैठक में भारत की तरफ से खीरी डीएम आकाशदीप, एसपी मनोज कुमार झा, दुधवा नेशनल पार्क के डीडी महावीर कौजलगी,नार्थ खीरी डीएफओ दिव्या, एसएसबी कमांडेंट दिलबाग सिंह, इंचार्ज कमांडेंट एसडी शेरखाने, एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी, सीओ जितेंद्र गिरि आदि अधिकारियों के साथ ही नेपाल की तरफ से मुख्य जिलाधिकारी मनोहर प्रताप खनाल, एसएसपी कंचनपुर सुशील कुमार भंडारी, एसपी कंचनपुर प्रकाश बहादुर चंद्र, एसपी आर्म पुलिस इंद्रराज कार्की, डीएफओ कंचनपुर शिव प्रसाद वर्मा, शुक्लाफांटा नेशनल पार्क कंचनपुर के चीफ कंजरवेटर वेद कुमार ढकाल, डिवीजन इंजीनियर कैलाली रावेंद्र गोहरा आदि अधिकारी मौजूद रहे। भारत की तरफ से सर्वे आफ इंडिया के फील्ड टीम लीडर केवी खत्री, सर्वेक्षण अधिकारी नदीम अहमद, एमआर वर्मा आदि ने नेपाली सर्वे टीम के चीफ सर्वे आफिसर केशवराज लेखक, नंद कुमार डिकेल आदि से वार्ता की। दोनों देशों के अधिकारियों की हुई वार्ता में नोमैंसलैंड के पिलर्स की मरम्मत कार्य की बात हुई। जबकि गायब पिलर का सीमांकन करने के बाद नए पिलर्स लगाने की चर्चा हुई। बैठक में यह तय हुआ कि पिलर्स के सीमांकन के समय नेपाल की एपीएफ तथा भारत की एसएसबी सर्वे टीम के साथ सर्वे के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद रहेगी। जिससे कोई अनहोनी न हो। इसके साथ ही सम नंबर वाले गायब पिलर्स की मरम्मत तथा उसको लगवाने का कार्य नेपाल तथा विषम पिलर्स की मरम्मत और गायब पिलर्स लगाने का कार्य भारत करेगा। इसके लिए सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। दस अप्रैल से शुरू हुआ सर्वे कार्य जून माह में खत्म हो जाएगा। बैठक में तय हुआ कि जून माह में सर्वे खत्म होने के बाद अगली बैठक लखीमपुर खीरी में होगी। जिसके लिए सभी को सूचना दे दी गई है। शांतिपूर्ण बैठक खत्म होने के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने अगली बैठक में मिलकर आगे की रणनीति बनाने की चर्चा की।