लखीमपुर खीरी। सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा में थोड़ी सी लापरवाही के चलते नंबर कम हो जाते हैं। विषय विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे विद्यार्थियों को सही तिथियों का ज्ञान और घटनाओं की जानकारी न होना है। यदि घटनाओं और महत्वपूर्ण तिथियों को ध्यान में रखा जाए तो निश्चित तौर पर अच्छे नंबर हासिल किए जा सकते हैं।
ओयल के युवराज दत्त इंटर कॉलेज के शिक्षक मुदित मिश्रा ने बताया कि सामाजिक विज्ञान हाईस्कूल के पाठ्यक्रम में कुल 4 इकाइयां हैं। 2 इकाइयां 20 अंक की हैं और 2 इकाइयां 15 अंक की होती हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि इकाई के अनुसार ही सामाजिक विषय की तैयारी करें। साथ ही वर्तमान में चर्चित मामलों को ध्यान में रखें। इतिहास और भूगोल वाली इकाई से मानचित्र संबंधी प्रश्न पूछे जाते हैं। मानचित्र के लिए आवश्यक है कि उसका अभ्यास पहले से ही सादे मानचित्र पर अंकन करते हुए करें।
राजनीतिक और भौगोलिक मानचित्र को ध्यानपूर्वक समझें। साथ ही साथ महत्वपूर्ण नगर, नदी, खनन क्षेत्रों पर भी ध्यान दें। उनका अच्छे से अभ्यास करें। पुराने नोट्स का भी सहारा ले सकते हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी में अनसोल्ड पेपरों का भी इस्तेमाल करते हुए उन्हें शार्ट नोट में लिखें। इससे उन्हें समझने और याद करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि अच्छे अंक लाने में मानचित्र का बहुत योगदान है जहां से अधिक से अधिक प्रश्न सही किए जा सकते हैं। सामाजिक विषय में पाठ के अंत में दिये महत्वपूर्ण तथ्य बार-बार पढ़े। साथ ही तिथियों और घटनाओं के वर्ष भी अलग से नोट कर याद करें। इससे बहुविकल्पीय प्रश्नों को आसानी से हल कर सकेंगे। अर्थव्यवस्था वाले खंड में भारतीय कृषि से जुड़े प्रश्नों को अवश्य देखे। महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के नाम व उनसे जुड़े संविधान के अनुच्छेद अवश्य देखें। प्रश्नों के उत्तर जल्दी लिखने का अभ्यास करें।